Shivpuriओबीसी वर्ग की जनगणना कराने एवं अन्य मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन,...

ओबीसी वर्ग की जनगणना कराने एवं अन्य मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, कहा-मांगे पूरी नहीं हुई तो होगा आंदोलन / Shivpuri News

शिवपुरी। ओबीसी महासभा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष गिर्राजसिंह दुल्हारा ने बताया कि संविधान में सामाजिक तथा शैक्ष्ज्ञणिक दृष्टि से पिछड़े हुए समुदाय को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में तीन वर्ग बनाए गए हैं। जनगणना में इन तीनों वर्गो। की दशाओं के आंकड़े लिए जाना चाहिए लेकिन अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग की जनगणना तो होती है किंतु पिछड़ा वर्ग की जनगणना नहीं होती क्योंकि 2021 के जनगणना फॉर्मेट में ओबीसी का कॉलम नहीं है। ओबीसी महासभा के द्वारा लंबे समय से ज्ञापन देकर जनगणना 2021 के फाॅर्मेट में ओबीसी का कॉलम बनवाने शासन से प्रशासन तक निवेदन किया लेकनि पहले की तरह इस बार भी जनगणना फॉर्मेट में अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी का कॉलम नहीं है। जिससे ओबीसी वर्ग की जनसंख्या तथा उसकी परिस्थितियों का आंकलन नहीं हो पाएगा। इसलिए फार्मेट में ओबीसी का कॉलम बढ़ाया जाए। यदि हमारी मांगे पूरी नहीं की गई तो ओबीसी महासभ्ज्ञा सड़कों पर उतरकर पूरे देश में आंदोलन करेगी।

इन प्रमुख मांगों को भी लेकर दिया ज्ञापन

1. ओबीसी महासभा द्वारा 29 नवंबर को सिविक सेंटर जबलपुर में संवैधानिक मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस आरक्षकों और पुलिस अधिकारियों द्वारा महिलाओं एवं छात्राओं के साथ अश्लीलता व गाली-गलौंज की गई। इसकी निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।

2. एमपी पीएससी में होने वाली नियुक्तियों में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए व इंटरव्यू में बैठने वाले पैनल में भी ओबीसी वर्ग के अधिकारियों को नियुक्त कर शामिल किया जाए।

3. एमपी पीएससी 2019 मेन्य और 2020 प्री के रूके हुए रिजल्ट ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ घोषित किया जाए।

4. केंद्र सरकार की भांति नीट में 27 प्रतिशत आरक्षण के समक्ष म.प्र. में भी ओबीसी को भी 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।

5. साक्षात्कार प्रणाली में जातिगत आधार पर किए जाने वाले भेदभाव को समाप्त किया जाए।

6. आयु सीमा में छूट दी जाए। न्यायालय में कॉलेजियम सिस्टम बंद किया जाए।

7. ित्रस्तरीय पंचायत नगरीय निकाय, विधानसभा, लोकसभा में 51 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।

सम्बंधित ख़बरें

Follow Us

17,733FansLike
0FollowersFollow
16FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Popular