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आखिर इस तरह कैसे स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर 1 आ पाएगा शिवपुरी @रामजीदास राठौर / Shivpuri News

 

शिवपुरी। शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में अपनी सर्वश्रेष्ठ जगह बनाने के लिए शहर की सड़कों की सफाई के साथ विभिन्न वार्डों की गलियों को साफ करना अनिवार्य है। डॉ. रामजीदास राठौर शिक्षाविद एवं समाजसेवी ने मीडिया के माध्यम से नगर पालिका प्रशासन का शहर की सफाई की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि शहर के किसी भी वार्ड के अंदर हम जाएं तो उस वार्ड की गलियों में पसरी गंदगी कई प्रकार की बीमारियों को आमंत्रण देती है। यदि हमें अपने शहर के सभी नागरिकों को स्वस्थ रखना है, तो यह नगर पालिका प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह शहर की मुख्य सड़कों को साफ करने के साथ ही गलियों की साफ सफाई का पूरा ध्यान रखे।

केवल मुख्य मार्गों की होती है सफाई

माननीयों के आने पर शहर की मुख्य सड़कों को साफ करके यह दिखाने का प्रयास किया जाता है कि हमारा शहर बिल्कुल साफ सुथरा, स्वच्छ, एवं सुंदर है। चूने की लाइन डाली जाती है, दवाई का छिड़काव किया जाता है। जबकि हकीकत में शहर की गलियों में खाली पड़ी जगह में आपको कूड़े-कचरे के ढेर देखने को मिल जाएंगे। साफ सफाई की जितनी आवश्यकता माननीयों के आने पर महसूस की जाती है, वह शहर के आम नागरिकों का अधिकार भी है। शहर के आम नागरिकों को साफ सफाई का पर्याप्त माहौल मिलना चाहिए क्योंकि आम नागरिकों के सहयोग से ही कोई व्यक्ति माननीय बन पाता है।

खाली पढ़े प्लॉट एवं खंडहर बने कूड़ा घर

शहर के खाली पड़े प्लॉट, मकान, पुराने खंडहर, पाटोर में आसपास के सभी निवासियों के सहयोग से कचरा लगातार बढ़ता जाता है। जिसके कारण आसपास के क्षेत्र में संक्रमण फैलने की संभावना लगातार बनी रहती है। इस संबंध में शिवपुरी नगर पालिका प्रशासन द्वारा कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जाती है क्योंकि हर आम व्यक्ति कहीं ना कहीं अपना राजनीतिक प्रभाव दिखा सकता है जिसका डर हमेशा नगरपालिका को बना रहता है।

कचरा फैलाने वालों के विरुद्ध करो कार्रवाई या करो सम्मानित

नगर पालिका द्वारा यदि कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की जा सकती, कोई नोटिस नहीं दिया जा सकता तो उन्हें सार्वजनिक मंच पर सम्मानित किए जाने का कार्यक्रम चलाया जा सकता है। सबसे ज्यादा कचरा फेंकने और गंदगी फैलाने लोगों को आस-पड़ोस के व्यक्तियों द्वारा भी सम्मानित किया जा सकता है। लोगों के अंदर की मानवता पूर्ण रूप से मर चुकी है। सभी व्यक्ति केवल अपने घर को ही साफ रखना चाहते हैं। अपने आस-पड़ोस की स्थिति से तथा आमजन से उन्हें कोई लेना देना नहीं होता है।

शिकायत के बावजूद नहीं हुई पर्याप्त सफाई

शिवपुरी शहर के वार्ड क्रमांक 6 कस्टम गेट रोड से हम्माल मोहल्ले को जाने वाली गली की दुर्दशा को ही लें। पिछले 2 साल से यहां कूड़े-कचरे का ढेर जमा है। जिसकी शिकायत नगर पालिका को पूर्व में भी की जा चुकी है। शहर के मुख्य मार्ग से लगी गलियों की यह हालत है तो शेष शहर की गलियों की दुर्दशा के बारे में आप कल्पना ही कर सकते हैं। इस गली में एक पुरानी पाटोर की दीवार गिर गिर के कई बार रास्ते को अवरुद्ध करती रही है। दीवार गिरने के बाद आस पड़ोस की आम जनता द्वारा कचरा इसमें फेंका गया साथ ही नगर पालिका के सफाई कर्मियों द्वारा पूरी गली का कचरा अपने साथ ले जाने के स्थान पर कई बार इसमें डाला गया क्योंकि सड़कों और नालियों का कचरा उड़कर के किसी भी निजी संपत्ति में अपने आप नहीं पहुंच सकता है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा एक दो बार कर्मचारी भेज कर नालियों को साफ करा कर कचरा हटवाया गया जोकि तात्कालिक प्रबंध था स्थाई प्रबंध नहीं। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि हम निजी संपत्ति में से कचरे को नहीं हटा सकते हैं।

कूड़ा घर बनाने में जिम्मेदार लोग

1- मकान मालिक से जब इस संबंध में निवेदन किया गया तो उन्होंने अपनी समस्या बताई तथा कहा कि जिन्होंने इस खाली जगह में कूड़ा कचरा इकट्ठा किया है। वह पहले साफ कराएं तब हम इसके चारों ओर पाट लगाकर कुछ प्रबंध करने का प्रयास करेंगे।

2- पड़ोस के मकान निर्माण के दौरान मलवा सड़क पर डाला गया। उसमें सीवर की गंदगी भी शामिल है। इस संबंध में मकान निर्माण कराने वाले पड़ोसी से कई बार निवेदन किया गया कि आप इस मटेरियल को हटवाए तो उनका कहना है कि यह ठेकेदार का काम है हमने तो मकान ठेके पर बनवाया था। ठेकेदार इसको साफ करा कर नहीं गया तो इसमें हम क्या करें? हम इसको क्यों हटवाएंगे ?

3- मकान निर्माण करने वाले ठेकेदार महोदय से जब इस संबंध में निवेदन किया गया कि मकान निर्माण के दौरान आपने जो सड़क पर कचरा फेंका था आप इसको हटवा दें तो ठेकेदार का कहना है कि इसके खर्चे के पैसे लगभग ₹2000 ट्रॉली लगेंगे जिसको कचरा हटवाना है वह हमें पैसे दे दे। हम कचरा हटवा देंगे। साथ ही उसका कहना है कि जो पाटोर टूट चुकी है उसको पूरा बनवा दो। मुझको ही बनवाने का ठेका दे दो तो मैं इस कार्य को आसानी से करा दूंगा।

आखिर कब होगा समस्या का समाधान?

ऐसी स्थितियों में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि वार्ड क्रमांक 6 की गली में यह गंदगी जो लगातार बढ़ रही है यह कब साफ होगी? गंदगी बढ़ाने में सभी का योगदान रहा, चाहे वह मकान मालिक, अड़ोस-पड़ोस के लोग, नगर पालिका की सफाई करने वाले कर्मचारी सभी का भरपूर योगदान रहा है। जब सफाई कर्मचारी सफाई करने आते हैं तो उनके साथ हाथ ठेला नहीं होता इसलिए वह आज पड़ोस का पूरा कचरा खाली जगह में निजी संपत्तियों में डाल जाते हैं। कचरे में आग लगती रहती है जिसके कारण दुर्गंध का माहौल बना रहता है। नालियों का पानी सड़कों पर बहता रहता है जो आम नागरिकों को निकलने में बाधा उत्पन्न करता है। गंदगी रास्ते में होने से उनके साथ विभिन्न बीमारियों के कीटाणु उनके घर तक पहुंचते हैं। यह सब परेशानियां समाप्त होती नहीं दिख रही हैं क्योंकि नगरपालिका का पूरा ध्यान केवल माननीय के स्वागत सत्कार पर ही रहता है। अधिकारी कर्मचारी हमेशा माननीयों को केवल वह तस्वीर दिखाने का प्रयास करते हैं जो उनके द्वारा साफ-सुथरी बनाई गई है। हकीकत की तस्वीर से माननीय को कभी अवगत नहीं कराया जाता। है। नगर पालिका प्रशासन को आम नागरिकों की सुविधा का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है जो कि पूर्ण रूप से अनुचित है।

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