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रपटों के निर्माण में हो रहा एस्टीमेट का उल्लंघन, अधूरे निर्माणों को पूरा बताकर निकाल ली राशि / Kolaras News

कोलारस। जनपद पंचायत कोलारस के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद चेकडेम नहीं बन पाए। जनपद के सब इंजिनियरों व सरपंच-सचिवों की भ्रष्ट कार्यप्रणाली का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि शासकीय फंड खर्च करने के बावजूद शासकीय योजनाओं के क्रियांवयन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्यवाही कोलारस में नहीं हो पा रही है और न ही अधूरे पडे निर्माण कार्यो को पूरा कराया जा रहा है। हालाकि पंचायतों में योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन एवं विकास कार्यों की मानीटरिंग के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार के पैनल के अलावा जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय पैनल स्थापित किए गए है लेकिन यह सब कोलारस जनपद पंचायत की ग्राम पंचायतों में हवा-हवाई साबित हो रहा है।

जनपद पंचायत कोलारस की ग्राम पंचायत चिलावद में जनवरी 2019 में रपटा निर्माण के लिए 6 लाख 72 हजार रुपये का फंड आया था। सरपंच-सचिव ने उक्त निर्माण कार्य को मुंशी के खेत के पास संपूर्ण कराया जाना दर्शाकर दिनांक जून 2019 में 1 लाख 54 हजार 500 रूपये, फरवरी 2019 में 3 लाख 60 हजार 977 रुपये व 54 हजार 230 रुपये शासकीय धनराशि को आहरण कर लिया। जबकि एस्टीमेट के मुकाबिक उक्त रपटा निर्माण कार्य में आरसीसी निर्माण होना था। सरपंच-सचिव ने कुछ खंडों को मिटटी में लगाकर उक्त निर्माण कार्य को अधूरा छोडकर शासकीय धनराशि को अवश्य पूरा निकाल लिया। वहीं रामस्वरूप कुशवाह के खेत के पास रपटा निर्माण किया गया है जिसकी लागत 6 लाख 72 हजार रूपये थी। उक्त रपटा निर्माण में 23.02.2019 को 56 हजार 1550, दिनांक 23.02.2019 को 3 लाख 60 हजार 977 रूपये शासकीय धनराशि का आहरण किया गया है। सरपंच-सचिव ने उक्त दोनों रपटा निर्माणों में एस्टीमेट के अनुसार काम न कराकर घटिया स्तर का आधा-अधूरा निर्माण कार्य छोडकर शासकीय धनराधि को हडपकर लिया है।

 

डेढ़ साल में उखड़ी सड़कें

चिलावद पंचायत में प्रकाश कुशवाह के घर से देवी मंदिर तक डाली गई 4 लाख रुपये की लागत से सीसी सडक बनबाई गई थी जो डेढ़ साल में उखड गई। इसी प्रकार इतनी ही लागत से बालाजी मंदिर से मंसुखा के घर तक डाली गई सीसी सडक भी पूरी तरीके से उखडकर उसमें जगह-जगह गहरे गडढे हो गए। चिलावद हो या फिर साखनौर, चकरा, चंदौरिया, भडौता, बेरसिया, गढ, कुम्हरौआ, पाडौदा, गणेशखेडा, कुल्हाडी, खरई, किशनपुर, अटामानपुर, देहरोद, सुआटोर, पहाडी, डेहरवारा, अटारा, मढीखेडा व खोंकर आदि पंचायतों में करोडों रूपए व्यय कर दिए जाने के वाबजूद ग्रामीणों की न तो जमीनी आवश्यकताओं की पूर्ती हो पाई है और न ही वास्तविकता के धरातल पर बुनियाद विकास ही आकार ले पाया है।

 

इनका कहना है

चिलावद और कुम्हरौआ पंचायत का मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है। हम दोनों ही पंचायतों में आपके द्वारा बताए गए निर्माण कार्यों की जांच कराएंगे। जांच के दौरान यदि निर्माण कार्य में अनिमित्ताएं पाई गईं तो दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही संस्थित कराएंगे।

– आफीसर सिंह गुर्जर, सीईओ जनपद पंचायत कोलारस

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