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जब रस ही स्वयं रस में डूबे तब महारास होता है : नंदिनी भार्गव / Shivpuri News

खनियांधाना। धर्मपुरा में हनुमान मंदिर खेडापति सरकार के प्रांगण में चल रहे विष्णु महायज्ञ और श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह एवं रासलीला के आयोजनों में भारी भीड़ इकट्ठा हो रही है। दूर-दूर से आ रहे श्रोता यहां प्रतिदिन धर्म लाभ ले रहे हैं।


 

श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास बाल योगी पंडित वसुदेव नंदनी भार्गव ने आज रस स्वरूप श्री कृष्ण का महारास विशेष पर बहुत जोर दिया। नंदनी भार्गव ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा आदि के बाद मुख्य रास उत्सव क्रीडा का वर्णन किया और बताया कि जब रस ही स्वयं रस में डूब जाए तब महारास होता है अतः जो गोपियां कृष्ण स्वरूपा हो गई थी वे रासक्रीड़ा में सम्मिलित हुई अतः रास तव ही संभव है जब आत्मा कृष्ण स्वरूपाकार हो जाए।आज शुक्रवार को इस महापर्व का समापन होगा।

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