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डीएपी के बाद अब यूरिया खाद की किल्लत से जूझता किसान -272 रूपए की यूरिया खाद की बोरी को खरीद रहे हैं 500 रूपए में / Shivpuri News

-खाद के लिए हो रहे हैं जिले में झगड़े और चक्का जाम

शिवपुरी । जिले में डीएपी खाद के बाद यूरिया की भी किल्लत से किसान परेशान हैं। खाद लेने की उम्मीद को लेकर गांव से शहर के गोदामों पर आने वाले किसान घंटों लाईन में खड़े होने के बाद भी खाद न मिलने के कारण आए दिन झगड़े व आंदोलन देखने को मिल रहे हैं। खाद की किल्लत पर प्रशासन पर्याप्त खाद उपलब्ध होने की बात कह कर पल्ला झाड़ रहा हैं और किसान खाद के लिए दर्द भटक रहा हैं। उधर खुले मार्केट में यूरिया खाद की बोरी 272 की जगह 500-600 रूपए में खुलेआम विक्रय की जा रही हैं। कार्यवाही के नाम पर प्रशासन प्राईवेट दुकानों पर छापामार कार्यवाही के नाम तक ही सीमित रह गया हैं।

जमाखोरी भी सबसे बड़ी वजह
बताया गया हैं कि जिले में यूरिया संकट की वजह केवल आयात में कमी नहीं है. देश में भी यूरिया का उत्पादन गिरा है. अप्रैल-जुलाई में यूरिया का उत्पादन घटकर 78.82 लीटर जो एक साल पहले इसी अवधि में 82.18 लीटर था. इसके अलावा सबसे बड़ी वजह यूरिया और डीएपी की कमी की एक मुख्य वजह जमाखोरी भी है. कुछ प्राइवेट माफिया दुकानदारों ने खाद को स्टॉक कर उसे ब्लैक में खुलेआम बेच रहे हैं।

एक खाते पर मात्र 10 बोरी ही उपलब्ध हो रहा हैं खाद
खाद की किल्लत पर किसानों का कहना है कि जरूरत के मुताबिक खाद उन्हें नहीं मिल पा रहा है. किसानों का कहना है कि एक खाते पर मात्र 10 बोरी ही खाद उपलब्ध कराया जा रहा हैं जबकि उनकी आवश्यकता इससे कई गुना हैं। किसानों की समस्या हैं कि जिन किसानों की फसल 10 बीघा से लेकर 150 बीघा तक हैं उन किसानों को खाद भी उसी हिसाब से मिलना चाहिए। लेकिन सोसायटियां इस व्यवहारिक समस्या को समझने को तैयार नहीं हैं और वह खाद ब्लैक मार्केट से खरीदने के लिए विवश हो रहे हैं।

जिले में डीएपी एवं एनपीके खाद की उपलब्धता
जिले में डीएपी, एनपीके, यूरिया एवं एसएसपी उर्वरक किसानों को वितरित किया जा रहा है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार 19 नवम्बर को वितरण केंद्रों से यूरिया उर्वरक 298 मी.टन, डीएपी 286 मी.टन, एनपीके 14 मी.टन तथा एसएसपी 387 मी.टन का वितरण किया गया है। बताया कि इसमें विपणन संघ एवं सहकारी सोसाइटी द्वारा यूरिया 89 मी.टन, डीएपी 203 मी. एनपीके 2 मी.टन तथा एसएसपी 6 मी.टन का वितरण किया गया है। निजी संस्थाओं द्वारा यूरिया 209 मी.टन, डीएपी 83 मी.टन, एनपीके 12 मी.टन का वितरण और एसएसपी खाद 381 मी.टन का वितरण किया गया। अभी 1403 मी टन यूरिया, 989 मी टन डीएपी, 468 मी टन एनपीके और 3628 मी टन एसएसपी की उपलब्धता है। कृषक बंधुओं को उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही सभी को सलाह दी जाती है कि एनपीके उर्वरक का उपयोग करें। यह कृषि के लिए लाभकारी है। इसके अलावा नैनो यूरिया भी एक अच्छा विकल्प है। किसान इफको द्वारा निर्मित नैनो यूरिया का उपयोग कर सकते हैं।

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