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शिवपुरी की टॉप-100 में वापसी, लेकिन प्रदेश में चौथा सबसे खराब प्रदर्शन / Shivpuri News

शिवपुरी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के शनिवार को नतीजे जारी कर दिए गए हैं। एक बार फिर एक से 10 लाख आबादी की श्रेणी में शिवपुरी ने टॉप 100 में वापसी कर ली है। शिवपुरी नगर पालिका को 1 से 10 लाख की कैटेगरी में 372 में से 94 नेशनल रैंकिंग मिली है। जबकि स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में रैंकिंग 101 थी। सबसे बेहतर रैंकिंग 2019 के स्वच्छता सर्वेक्षण में मिली थी जो कि 82वीं रैंक थी। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की नगर पालिका को 3312.98 अंक मिले हैं। हालांकि रैंकिंग में शामिल प्रदेश के अन्य शहरों के मुकाबले शिवपुरी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। हालांकि एक अच्छी खबर यह है कि प्रेरक नगर पालिका दौड़ में जिले को गोल्ड कैटेगरी में शामिल होने का मौका मिला है। यह दौड़ देशभर की नगर पालिकाओं के बीच थी। इसके पुरस्कार के लिए अलग से कैटेगरी बनाई गई थी। पहली बार शिवपुरी ओडीएफ कैटेगरी में भी शामिल हुआ है।

यदि समग्र प्रदर्शन की बात करें तो शिवपुरी नगर पालिका भले ही टॉप-100 में शामिल हो गया हो, लेकिन प्रदेश में इसकी स्थिति उतनी बेहतर नहीं है। शिवपुरी नगर पालिका सिर्फ भिंड, दतिया और सीहोर से ही बेहतर प्रदर्शन कर पाई है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में एक से 10 लाख आबादी की कैटेगरी में कुल 376 नगर पालिका शामिल हुई थीं जिसमें मध्यप्रदेश की 28 नगर पालिका की भागीदारी रही। इसमें शिवपुरी को प्रदेशस्तर पर 25वीं रैंक मिली है यानी पीछे हमारा शहर चौथे स्थान पर रहा है। सबसे पीछे की रैंक भिंड की 183वीं रही। इसके अलावा 117वीं रैंक के साथ सीहोर, 143वीं रैंक के साथ दतिया और 183वीं रैंक के साथ भिंड ही शिवपुरी से पीछे हैं। इन आंकड़ों को देखकर स्पष्ट है कि शिवपुरी नगर पालिका को अभी बहुत काम करने की जरूरत है।

पहली बार ओडीएफ कैटेगरी में शामिल

ओडीएफ यानी खुले में शौच मुक्त रहना, सरकारी प्रयासों का हिस्सा मात्र नहीं बल्कि किसी भी शहर में रहने वाले लोगों के लिए सम्मान की बात होती है। इससे यह पता चलता है कि शहर के लोग सफाई को लेकर कितने जागरुक हैं। इस बार शिवपुरी को ओडीएफ का दर्जा मिला है। इसके पहले शिवपुरी ओडीएफ और ओडीएफ कैटेगरी हासिल कर चुका है। ओडीएफ दर्जे के लिए आवश्यक होता है कि किसी भी दिन एक भी व्यक्ति खुले में शौच करता हुआ न पाया जाए व हर व्यक्ति की ंहुँच के दायरे में घर में अथवा सामुदायिक या सार्वजनिक शौचालय हो। ओडीएफ के दर्जे के लिए इन सभी आवश्यकताओं के अलावा एक और बात जुड़ जाती है कि सभी सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालय क्रियाशील और कुशल रख-रखाव के अधीन होने चाहिए। ओडीएफ इसमें सबसे बेहतर श्रेणी है जो थर्ड पार्टी जांच के बाद मिलती है जिसे प्राप्त करने में शिवपुरी सफल रहा है।

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