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विश्व शौचालय दिवस का उद्देश्य आदर्श स्वच्छता की आदतों के बारे में जागरूकता पैदा करना और जागरूकता फैलाना है : अतुल त्रिवेदी / Shivpuri News

संभागीय समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन यूनीसेफ भोपाल
सबाल जबाव प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को शक्तिशाली महिला संगठन ने स्वच्छता उपहार भेंट किए
शिवपुरी। प्रतिवर्ष 19 नवंबर को समस्त विश्व में वर्ल्ड टॉयलेट डे मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसारए विश्व में आज भी लगभग आधी आबादी बिना टॉयलेट के जीवनयापन कर रही है हाइजीन की दृष्टि से जो कि वाकई खतरनाक है। खुले में शौच करना मतलब बीमारियों को न्योता देना है। लोगों को टॉयलेट के उपयोग और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए इस दिवस को मनाने की शुरुआत की गई। पिछले कई सालों के सतत प्रयासों के बावजूद भारत में आज भी कई जगह ऐसी हैं जहां लोग खुले में ही शौच करते हैं। खुले में शौच करने का सबसे अधिक दुष्प्रभाव महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। विश्व शौचालय दिवस लोगों को शौचालय स्वच्छता और निजता के लिए जागरूक करने के मकसद से हर साल 19 नवंबर को मनाया जाता है इस बार 2021 में भी वर्ल्ड टॉयलेट डे शुक्रवार 19 नवंबर को फक्कड़ कालोनी छत्री रोड स्थित परिसर में शक्तिशाली महिला संगठन , स्वच्छ भारत मिशन शिवपुरी की टीम एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर मनाया । कार्यक्रम संयोजक शक्तिशाली महिला संगठन रवि गोयल ने बताय कि 19 नवंबर 2001 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ल्ड टॉयलेट ऑर्गनाइजेशन की स्थापना की गई और 122 देश जुड़े और स्वच्छता और टॉयलेट हाइजीन के क्षेत्र में कार्य करने लगे। तभी से प्रतिवर्ष अलग अलग थीम के साथ वर्ल्ड टॉयलेट डे का आयोजन होने लगा।वर्ल्ड टॉयलेट डे के लिए इस वर्ष थीम शौचालयों का महत्व रखी गई अतुल त्रिवेदी ने कहा कि बड़े शहरों और कस्बों में रहने वाले लोग बिना स्थायी टॉयलेट के लाइफ की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं लेकिन एक सच्चाई ये भी है कि आज भी दुनिया के 36 बिलियन लोगों के पास टॉयलेट नहीं है क्या आप जानते हैं कि स्वच्छता के साथ किया समझौता हमारे खाने और पानी को दूषित करके समाज के बड़े तबके पर गंभीर बीमारियों का कहर बरपा सकता है लोगों की जान जा सकती है।हमारे जीवन में शौचालय यानी टॉयलेट और स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूकता लाने के लिए ही हर साल 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस यानी वर्ल्ड टॉयलेट डे मनाया जाता है। सत्यमूर्ति पाण्डेय जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ने बताय कि विश्व शौचालय दिवस का उद्देश्य आदर्श स्वच्छता की आदतों के बारे में जागरूकता पैदा करना और जागरूकता फैलाना है जो महिलाओं की हेल्थ और सुरक्षा को बढ़ावा देते हैं इस दिन का उपयोग लोगों को खुले में शौच करने से रोकने के लिए भी किया जाता है क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए खतरा है साथ ही महिलाओं और लड़कियों को हमलों के प्रति भी संवेदनशील बनाता है नीतिन जैन बीसी जनपद पंचायत शिवपुरी ने कहा कि इस अभियान का उददेश्य दुनिया के कई हिस्सो में शौचालयों की जरुरत को नजरअंदाज करने तथा इससे स्वास्थ्य , अर्थशास्त्र और पर्यावरण पर होने वाले विनाशकारी परिणामों को रखांकित करना है। आज बच्चों के साथ स्वच्छता एवं स्वास्थ्य का हमारे जीवन पर प्रभाव एवं टायलेट की उपयोगिता पर सबाल जबाब प्रतियोगिता की जिसमें कि प्रतिभागी बच्चो को स्वच्छता किट उपहार स्वरुप प्रदान की । कार्यक्रम में रवि गोयल, अतुल त्रिवेदी, सत्यर्मूिर्त पाण्डेय , नीतिन जैन, शक्तिशाली महिला संगठन की पूरी टीम, आशा कार्यकर्ता सविता शर्मा फक्कड कालोनी, सुपोषण सखी नूर वेगम के साथ किशोरी बालिकाओं एवं बच्चो ने भाग लिया एवं अन्त में हर घर टायलेट बनवाने के लिए एवं इसके उपयोग के लिए बच्चो को संकल्प दिलाया।

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