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मप्र. स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मानसिक स्वास्थ संवाद एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम आयोजित / Shivpuri News

 

निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन जिसमें 100 से अधिक बच्चों की जांच की गई

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के द्वारा भी 90 से अधिक बच्चों की जांच की गई एवं आवश्यक दवाईया दी

शिवपुरी। 1 नवंबर यानी सोमवार को पूरा मध्यप्रदेश अपने स्थापना दिवस के रंग में रंगा नजर आया। खासतौर पर जिले में कई कार्यक्रमो को आयोजन किया गया। इस अवसर पर अति पिछड़े आदिवासी बाहुल्य गढ़ी बरोद एवं बूढ़ी बरोद में मानसिक स्वास्थ्य एवं सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया इसमें खासतौर से मानसिक रुप से पीड़ित बच्चे, कुपोषित बच्चों के लिए एवं उनकी माताओं के लिए खासतौर जांच की गई एवं आवश्यक दवाईयां प्रदान की। कार्यक्रम का आयोजन शक्तिशाली महिला संगठन समिति के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के आरबीएसके की टीम, मानसिक स्वास्थ्य मन कक्ष के डाक्टर अर्पित बंसल की टीम, जिला टीबी अधिकारी डा0 आशीष व्यास के मुख्य देखरेख में महिला बाल विकास के साथ मिलकर किया गया । अधिका जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक रवि गोयल ने बताया कि आज आयोजित किए गए मानसिक स्वास्थ्स एवं संबाद ,टीबी जांच एवं सामान्य जांच शिविर मे 100 से अधिक मरीजो की जांच जिला टीबी अधिकाराी डाॅ. आशाीष व्यास , डाॅ. नीरज सुमन, डा. यशस्वी मेहता के द्वारा कि गई जिसमें की मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते हुए मन कक्ष के डाॅ. अर्पित बंसल के द्वारा 5 वर्ष तक के मानसिक विकलांग बच्चों की जांच की एवं मानसिक संवाद में कहा कि मानसिक रोगी का ईलाज संभव है वस शर्त यह है कि शीघ्र अति शीघ्र ऐसे मरीजों की जांच कराए हमारे पास लेकर आए एवं इन मानसिक मरीजों के साथ सामान्य मरीज की तरह अच्छा व्यवहार हो जिससे कि मानसिक स्वास्थ्य को समय पर ठीक किया जा सकें। कार्यक्रम में डा यशस्वी मेहता ने कहा कि कुपोषित बच्चों को एवं उनकी माताओं को खासतौर से ध्यान में रखते हुए उनका मौके पर वजन, लबांई एवं एमयूएसी कराए , गर्भावस्था में पोषण का विशेष ध्यान रखें और 6 माह तक बच्चों को केवल स्तनपान कराए। कार्यकम में जिला टीबी अधिकारी डा0 आशाीष व्यास के द्वारा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान कि एवं शक्तिशाली महिला संगठन की पूजा शर्मा के द्वारा एक स्पाईनल कोर्ड की टीबी से ग्रसित मरीज कुमारी ज्योति आदिवासी को प्रशासन के सामने लेकर आया जिसको की डा0 व्यास के द्वारा गांव में आकर ही देखा एवं कहा कि यह बहुत गंभीर स्पाईनल कोर्ड की टीबी है इसको 18 माह तक लगातर ईलाज लेना होगा तो यह ठीक हो सकती है अन्यथा यह बच्ची आगे जाकर खड़ी भी नही हो सकती बच्ची को पूर ईलाज कराने पर 9000 हजार रुपये का भुगतान जिला टीबी अस्पताल द्वारा किया जाएगा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा को पूरी दवाई समय पर खिलाने पर 1000 रुपये प्रोत्साहन के तौर पर प्रदान किया जायेेगा। संस्था द्वारा ज्योति आदिवासाी को 18 माह तक विशेष पोषण आहार देने का वीड़ा उठाया जिससे कि ज्योति आदिवासी को अच्छी दवा के साथ अच्छा पोषण मिल सकें। कार्यक्रम में डा. व्यास ने अपने संबोधन में कहा कि अगर किसी को भी 15 दिन तक खांसी , बुखार, वजन का कम होना, भूख कम लगना, खांसी में खून आना, छाती में दर्द होना इत्यादि लक्षण होने पर तत्काल नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र में जाए और अपनी खखार की जांच कराए । कार्यक्रम में मानसिक रोग से पीड़ित दो मरीजो का ईलाज डा. अर्पित बंसल ने किया एवं इनका विकलांगता का सर्टीफिकेट बनाकर इनको सामाजिक न्याय विभाग से हर महीने 500 रुपये किस्त मरीज के खाते में सहायाता के रुप मे आने लगेंगे। कार्यक्रम मे रवि गोयल ने ग्रामीणो से कहा कि आज म0प्र0 स्थापना दिवस पर आप अपने गांव को टीबी मुक्त बनाने का प्रण लें यहा कि आशा कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी सुपोषण सखी अगर टीम के रुप में कार्य करेगी तो अगले साल के म0प्र0 स्थापना दिवस तक हम इस गांव को टीबी मुक्त बना सकते है। । कार्यक्रम में जिला टीबी अधिकारी डॉ. आशाीष व्यास, मन कक्ष के डा0 अर्पित बंसल, रवि गोयल, डाॅ. नीरज सुमन, डाॅ. यशस्वी मेहता, एएनएन जिला टीबी अस्पताल शिवपुरी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा एवं शक्तिशाली महिला संगठन की पूरी टीम सुपोषण सखी भूरी आदिवासी एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।

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