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आदिवासी गांव में हर 10वें व्यक्ति को मिली खखार की शिकायत, शिवपुरी किया रेफर / Shivpuri News

शिवपुरी।  शासन द्वारा आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन उनका लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। जब भी कोई सामाजिक संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाती है तो प्रशासन की व्यवस्थाओं की स्थिति भी सामने आ जाती है। यही हाल आदिवासी बाहुल्य ग्राम चिटोरी खुर्द और चिटोरा में देखने मिला। यहां 20 मरीजों को शिविर के बाद रैफर करना पड़ा। शक्तिशाली महिला संगठन समिति के द्वारा जिला क्षय अधिकारी डॉ.आशीष व्यास के मुख्य देखरेख में स्वास्थ्य विभाग के आरबीएसके की टीम एवं महिला एवं बाल विकास के साथ मिलकर निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला टीबी अधिकारी डॉ.आशीष व्यास, डॉ.नीरज सुमन, डॉ.बृजमोहन के द्वारा टीबी जांच एवं सामान्य जांच शिविर में चिटोरीखुर्द में 80 मरीजों की जांच एवं चिटोरा में 70 मरीजो की जांच की गई। शिविर में 150 मरीजों की जांच कर 20 संदिग्ध मरीजो की खंखार जांच हेतु शिवपुरी रैफर किया गया।

कार्यक्रम संयोजक रवि गोयल ने बताया कि कुपोषित बच्चों एवं उनकी माताओं को खासतौर से ध्यान में रखते हुए उनका मौके पर वजन, लंबाई एवं एमयूएसी लिया गया। कुपोषित बच्चों को विशेष पोषण आहार, मल्टीविटामिन की सीरप एवं आवश्यक दवाइयां प्रदान की गई। उनकी माताओं में भी खून की कमी के लक्षण एवं कैल्शियम की कमी देखी गई। उनको उसी समय आयरन कैल्शियम की 30 गोलियां एक महीने को खाने के लिए प्रदान की जिससे कि कुपोषित बच्चों की माताएं भी स्वस्थ हो। शिविर में जांच कराने आई गर्भवती माताओं को भी खासतौर से चारों पूर्व प्रसव जांच कराने को कहा एवं प्रसव केवल संस्थागत कराने की नसीहत दी।

 

कार्यक्रम में जिला टीबी अधिकारी डॉ.आशीष व्यास के द्वारा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि अगर किसी को भी 15 दिन तक खांसी, बुखार, वजन का कम होना, भूख कम लगना, खांसी में खून आना, छाती में दर्द होना इत्यादि लक्षण होने पर तत्काल नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जाए और अपनी खखार की जांच कराए। इस दौरान 20 ग्रामीणों के खंखार के सैंपल लेकर जिला टीबी अस्पताल में जांच के लिए रेफर किये। रूबी आदिवासी की रिपोर्ट टीबी पॉजिटिव आई उन्होने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि कम्प्यूटराइज्ड सीबीनेट मशीन से 8000 रुपये तक की जांच निःशुल्क कराएं।

 

पोषण वाटिका के उत्पादों को खाने में शामिल करें

सेक्टर सुपरवाइजर किरण झा ने कहा कि हर महीने बच्चो का वजन कराए एवं आपके यहां किशोरी चैम्पियन सोनम शर्मा द्वारा हर घर में पोषण वाटिका लगाई गयी है। इन पोषण वाटिकाओं में पालक, तोरई, गाजर, चुकंदर, रमास, लौकी का उपयोग प्रतिदिन अपने खाने में करें जिससे कि आप तंदुरुस्त रह सके। कार्यक्रम में अक्षय प्लस संस्था की मधुलिका एवं अरविन्द के द्वारा ग्रामीणो को बताया कि जिन परिवारों में टीबी के मरीज है उन परिवारों में घर के अन्य लोगो को टीबी के सक्रमण से बचाने के लिए एक गोली प्रतिदिन 6 माह तक सेवन करना है जिससे कि वह टीबी से बच सके। कार्यक्रम में पर्यवेक्षक किरन झा, मधुलिका, अरविंद, सोनम शर्मा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा एवं शक्तिशाली महिला संगठन की टीम से मान सिंह, लब कुमार, सुपोषण सखी भूरी आदिवासी एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।

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