ग्वालियर । वर्षों से अवैध शराब के कारोबार में लिप्त महेश गुप्ता पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस रणनीति बना रही है। अवैध शराब के विवाद को लेकर महेश गुप्ता मनिया हत्याकांड में नामजद हो चुका है। पुलिस काे पता चला है कि आरोपित ने कई राज्यों में अपना अवैध शराब का नेटवर्क फैला रखा है। स्वयं सामने आने की बजाए गुर्गों से काम कराता है। आरोपित परदे के पीछे रहकर काम करता है। पुलिस इसके नेटवर्क को तोड़ने के लिए बड़ी कार्रवाई करने के लिए फिल्डिंग जमा रही है।

बाराघाट में बंद पड़ी फैक्ट्री से बरामद 10 लाख रुपये की कीमत की अवैध शराब के साथ पकड़े गए जितेंद्र पाल व विजय पाल को पुलिस ने पूछताछ के लिए एक दिन की रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपितों से अवैध शराब के नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है। पुलिस ने अवैध शराब बरामद करने के बाद नशीले पदार्थों के मास्टर माइंड महेश गुप्ता, अन्नू सेन, प्रमोद चौरसिया व एक अन्य के खिलाफ आबाकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पड़ताल में पुलिस के हाथ किरायानाम भी लगा है। पुलिस इसकी तस्दीक कर रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अवैध शराब का भंडारण करने के लिए बंद फैक्ट्री को किराए पर देने वाले फैक्ट्री मालिकों पर कार्रवाई की जाएगी।शुक्रवार की शाम को बाराघाट पर छापा डालकर 10 लाख की अवैध शराब का भंडारण पकड़ा था। अवैध शराब के साथ दो युवकों को पकड़ा था। दोनों युवकों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस इनसे राज उगलवाने का प्रयास कर रही है। इस फैक्ट्री में कितने समय से कारोबार चल रहा था। कहां से अवैध शराब लाई जाती है, और स्थानीय नेटवर्क तक इस अवैध शराब को कैसे पहुंचाया जाता है। इन तमाम सवालाें के जवाब खाेजने में पुलिस पसीना बहा रही है।