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गांधी जयंती के अवसर पर गांव-गांव में चलाया स्वच्छता ही सेवा अभियान / Shivpuri News

डॉक्टर एम के भार्गव वरिष्ठ वैज्ञानिक केवीके ने ग्रामीण जनों को स्वच्छता की शपथ दिलाई

शिवपुरी । 2 अक्टूबर का दिन भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस दिन भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। 2 अक्टूबर को हर वर्ष गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। अंग्रेजों से आजादी दिलाने में महात्मा गांधी का विशेष योगदान रहा है। इस साल महात्मा गांधी की 152वीं जयंती मनाई जाएगी। महात्मा गांधी को बापू के नाम से भी जाना जाता है। 2 अक्टूबर को हर साल अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस भी मनाया जाता है। सत्य और अहिंसा को लेकर बापू के विचार हमेशा से न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया का मार्गदर्शन करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। गांधी जी एवम लाल बहादुर शास्त्री जयंती के उपलक्ष्य में स्वच्छता ही सेवा के अवसर पर आज इसी अभियान को गति देते हुए शक्तिशाली महिला संगठन की टीम के साथ डॉ एमके भार्गव वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी ने भी स्वच्छता गतिविधि में सहभागिता की तथा ग्रामीण जनों को स्वच्छता एवं पोषण के लिए प्रेरित करते हुए गृह वाटिका लगाए जाने के लिए आह्वान किया। संस्था द्वारा आदिवासी बाहुल्य ग्राम कोयला कॉलोनी एवं हिम्मत गढ़ पिपरोनिया में स्वच्छता ही सेवा है जिसके तहत आंगनबाड़ी परिसर एवं गांव के खुले परिसर में व्याप्त गंदगी को ग्रामीण जनों के सहयोग से एवं संस्था की टीम के द्वारा स्वच्छ बनाया गया इसके साथ साथ गांधी जी एवं शास्त्री जी की जयंती के उपलक्ष में फलदार पौधे भी रोपित किए गए। एमके भार्गव वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र ने इस अवसर पर ग्रामीण जनों से कहा कि जब देश अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, तब कई क्रांतिकारियों ने आगे आकर देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई और इन लोगों को मर-मिटने का भी डर नहीं था और इन्हीं में से एक थे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी। महात्मा गांधी हमेशा अहिंसा के रास्ते पर चले और एक लाठी के दम पर अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम संयोजक रवि गोयल ने उपस्थित समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि गांधी जी ने कई आंदोलन चलाए और अंग्रेजों को ये बता दिया कि वे देश को आजाद कराने से कम किसी चीज पर नहीं मानेंगे। गांधी जी ने देश को आजाद कराने के लिए दिन-रात एक कर दिया। उनकी देश भक्ति देख हर कोई गांधी जी के साथ जुड़ता चला गया और फिर क्या था, आगे-आगे गांधी जी और पीछे-पीछे लोग। हर साल दो अक्टूबर को विश्व अहिंसा दिवस मनाया जाता है, लेकिन आप इसके पीछे की वजह जानते हैं? शायद नहीं, तो चलिए आपको बताते हैं। बात महात्मा गांधी के जीवन की करें, तो उनका जन्म 2 अकटूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उन्होंने लंदन से कानून की पढ़ाई की और बैरिस्टर बनकर ही भारत लौटे। जब वे भारत आए, तो उन्हें भारत की उस वक्त की स्थिति ने काफी प्रभावित किया, जिसके बाद वे आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। यहां उन्होंने अंग्रेजों को भारत से भगाकर ही दम लिया। -इसके अलावा गांधी जी ने दलित आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन जैसे कई आंदोलन भी चलाएं। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुपोषण सखी, समुदाय की महिलाएं ग्रामीण जन, शक्तिशाली महिला संगठन समिति की पूरी टीम कार्यक्रम संयोजक रवि गोयल वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र डॉ एमके भार्गव ने सक्रिय भूमिका अदा की।

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