Shivpuriभू.स्वामी ने अवैध निर्माण कर पीएचई की सीवेज पाइप लाइन दबाईए प्रशासन...

भू.स्वामी ने अवैध निर्माण कर पीएचई की सीवेज पाइप लाइन दबाईए प्रशासन ने जेसीबी से की तोड़फोड़ / Shivpuri News

नालों और सरकारी जमीनों को कब्जाने के खेल पर सख्त प्रशासनए अवैध कॉलोनियों पर भी गिरेगी गाज

शिवपुरी। नालों और शासकीय भूमि को खुर्दबुर्द कर उन पर काबिज होने का खेल शिवपुरी में वर्षों से खेला जा रहा है। कई नाले अपना अस्तित्व खोकर मोरी के रूप में दिखाई दे रहे हैं। शासकीय भूमि को भी जिम्मेदारों के साथ सांठगांठ कर कई भू.माफिया लील चुके हैं। बुधवार को जिला प्रशासन को शिकायत मिली कि मुक्तिधाम के सामने िस्थत एक जमीन का मालिक बिना किसी अनुमति के निर्माण कार्य दिन दूनी रात चौगुनी गति से कर रहा है। भू.स्वामी ने निर्माण करते समय पीएचई की सीवेज लाइन को भी 6.8 इंच मुरम डालकर न सिर्फ ढक दिया है बल्कि उसे भी एक हद तक कब्जा लिया है। इस शिकायत पर शिवपुरी एसडीएम गणेश जयसवाल बुधवार शाम निर्माण स्थल पर जा पहुंचे। यहां उन्होंने वस्तु िस्थति को देखकर नगर पालिका के अधिकारी.कर्मचारियों को बुला लिया। मौके पर ही निर्माण कार्य के पिलरों को जेसीबी से तुड़वा दिया गया। साथ ही मुरम डालकर सीवेज की जो लाइन ढक दी गई थी उसे भी मुक्त कराने की बात एसडीएम ने मौके पर कही। निर्माण कार्य न हो इसके लिए प्रशासन ने कड़ाई से कदम उठाते हुए निर्माण से लगी जमीन पर गहरी खंदक जेसीबी से खोद डाली। उल्लेखनीय है कि नाले से लगी यह जमीन पहले से ही सुर्खियों में रही है। नाले को पाटकर जमीन पर निर्माण करने के आरोप भी कई सालों से उन भू.स्वामियों पर लगते रहे जिनका मालिकाना हक जमीन पर तत्समय था। आज भी बताया गया है कि जब प्रशासन आला स्तर से मिले निर्देशों पर इस जमीन पर कार्रवाई करने पहुंचा तो वर्तमान का भू.स्वामी सीमांकन इत्यादि जरूरी दस्तावेज प्रशासन को नहीं दिखा पाया जो भी तथ्य भू.स्वामी ने अपने हक में बताए वह सब मौखिक थे जिस पर प्रशासन ने कोई ध्यान न देकर निर्माण कार्य को धराशाई करने में देर नहीं की। उल्लेखनीय है कि जिस जमीन पर निर्माण किया जा रहा था उसके पीछे जो कॉलोनी अवैध तौर पर बसाई गई है उसका प्रकरण भी एडीएम कार्यालय में विचाराधीन है।
पीएचई की सीवेज लाइन को 6.8 इंची मुरम से ढक्कर कब्जाया
आज अवैध निर्माण पर जो धमाकेदार कार्रवाई एसडीएम गणेश जयसवाल ने प्रशासनिक अमले के साथ की है उसका एक सनसनीखेज पक्ष यह भी है कि भू.स्वामी ने आरोपित तौर पर पीएचई की सीवेज प्लान अंतर्गत बिछाई गई पाइप लाइन को भी मोटी मुरम की परत डालकर ढक दिया था। इससे यह प्रथम दृष्टया लग रहा था कि सीवेज की पाइप लाइन को पक्का निर्माण कर दबाने और कब्जाने की योजना थी। यह िस्थति जब शिकायत के माध्यम से प्रशासन को लगी तो तत्काल एसडीएम मौके पर पहुंचे और उन्होंने पीएचई से भी इस संबंध में जानकारी ली। पीएचई के अधिकारियों का कहना था कि यदि पाइप लाइन पर पक्का निर्माण हो गया तो फिर हम इस पाइप लाइन में कभी कोई सुधार की आवश्यकता होने पर सुधार कार्य कतई नहीं कर पाएंगे। जमीन पर लाल मुरम बिछाकर पाइप लाइन को ढाकने और कब्जाने के आरोप पर एसडीएम के अनुसार भू.स्वामी का जबाव यह था कि मेरी निजी जमीन पर पाइप लाइन पीएचई ने डाली है। इस पर एसडीएम ने पूछा कि आपने आपत्ति की हो तो दिखाएं! आपके पास सीमांकन हो तो बताएं! जिनके जबाव में भू.स्वामी के पास बगलें झांकने के अतिरिक्त कुछ नहीं था।
नहीं सुनी कटे और कटने जा रहे पेड़ की किसी ने चीख
मुक्तिधाम ग्रीन लैंड में है। कभी किसी समय यहां बड़ी हरियाली थी। शासकीय जमीनों को कब्जाने और उनका मूल स्वरूप बदलने में जिम्मेदारों की सहभागिता के कारण कई वृक्ष कट गए और हरियाली अतीत का विषय बनने लगी। आज जिस जमीन पर प्रशासन ने कार्रवाई की है उस जमीन से लगा एक पेड़ प्रथम दृष्टया ठूट बनकर यह प्रमाण दे रहा है कि मुझे काट दिया गया है। दूसरे पेड़ पर भी काटने के लिए किए गए गंभीर प्रहार तने पर साफ दिखाई दे रहे हैं। कार्रवाई के दौरान प्रशासन न तो कटा पेड़ का ठूट देखा और न ही पेड़ के तने पर उसे काटने के लिए किए गए प्रहारों को किसी ने देखना उचित समझा। मौके पर मीडिया में यह चर्चा चलती रही कि कटे और कटने जा रहे पेड़ों की चीख न कोई सुनना चाहता है और न उन्हें कोई देखना चाहता है।

50 फुट की सड़क कब्जे से रह गई 15 फुट की
मुक्तिधाम के सामने राजस्व रिकॉर्ड में 50 फुट की सड़क थी जो आज मौके पर महज 15 फुट की दिखाई दे रही है। कागज में सड़क के 50 फुट होने की बात तहसीलदार शिवपुरी ने स्वीकार करते हुए कहा कि हम पटवारी से पूरे मामले की जांच करा रहे हैं। जांच तो इस तथ्य की होनी चाहिए कि जो सड़क बीते कल और आज में 50 फुट की कागज में थी और है वह कैसे 15 फुट की रह गई। इसके लिए कौन जिम्मेदार हैघ्

नहीं दिखाया सीमांकन रू तहसीलदार
तहसीलदार नरेशचंद गुप्ता ने कहा कि नाले से लगी जमीन पर सीवेज की पाइप लाइन को मुरम से दबाकर कब्जाने की शिकायत मिली थी। इस शिकायत पर जांच कराई गई जिसमें प्रथम दृष्टया यह पता चला कि भू.स्वामी मौखिक तौर पर जमीन को अपनी बता रहा है। वह सीमांकन या अन्य कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। निर्माण की अनुमति भी उसके द्वारा नहीं ली गई थी। तहसीलदार ने बताया कि नाले पर एनजीटी के प्रावधान लागू होते हैं इस कारण अनुमति मिल ही नहीं सकती। उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण के लिए नगर पालिका की अनुमति भी आवश्यक है जो मौजूदा प्रावधानों के अनुसार भू.स्वामी को कंपाउंड वैल के लिए भी नहीं मिल सकती।

शिकायत पर की कार्रवाई रू एसडीएम
मुक्तिधाम के सामने िस्थत भू.स्वामी के द्वारा सीवेज की पाइप लाइन को मुरम डालकर ढककर कब्जाने और अवैध निर्माण करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मौके पर जाकर जब वस्तु िस्थति देखी तो प्रथम दृष्टया यह समझ में आ गया कि निर्माण अवैध है और की गई शिकायत बहुत हद तक सही है यह कहना है शिवपुरी एसडीएम गणेश जयसवाल का। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के लिए हमने नगर पालिका के अमले को मौके पर बुलवाकर जेसीबी से निर्माण में खड़े किए जा रहे पिलरों को तुड़वा दिया। भू.स्वामी को सख्त हिदायत दे दी है कि वह निर्माण न करे। साथ ही निर्माण से लगी जमीन पर गहरी खंदक भी जेसीबी से खुदवा दी गई है। भू.स्वामी के द्वारा जो तथ्य बताए गए हैं उनके दस्तावेज उसके द्वारा प्रस्तुत नहीं किए गए थे। जब प्रस्तुत होंगे तब उनकी जांच की जाएगी।

तोड़ा अवैध निर्माण रू सीएमओ
मुक्तिधाम के सामने किए जा रहे अवैध निर्माण को सीएमओ शैलेष अवस्थी और एचओ गोविंद भार्गव ने एसडीएम के आदेश जेसीबी से तुड़वा दिया। निर्माण न हो इसके लिए गहरी खंदक भी खोद दी गई। इस कार्रवाई को करते समय सीएमओ शैलेष अवस्थी ने बताया कि हमने तो सिर्फ अवैध निर्माण पर कार्रवाई की है। जमीन को लेकर जो शिकायत एसडीएम के यहां की गई है उसका सच क्या है! शासकीय दस्तावेजों में उसकी क्या िस्थति है इसकी कोई जानकारी होने से उन्होंने इंकार किया।

सम्बंधित ख़बरें

Follow Us

17,733FansLike
0FollowersFollow
16FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Popular