Shivpuriपूजा के लिए दांतुन तोड़ने भदैया कुंड गए मासूम को लाए थाने...

पूजा के लिए दांतुन तोड़ने भदैया कुंड गए मासूम को लाए थाने किया बन्द, पिता को सीखचों में डाला / Shivpuri News

-अपराध करने से रोकने की बजाय इंतजार किया और पकड़ कर ले आये थाने

-मीडिया के पहुंचते ही बच्चे को किया बाहर, दिलाए बिस्कुट

शिवपुरी में पर्यटक स्थल भदैया कुंड पर शनिवार की अल सुबह एक अजीबो गरीब मामला संज्ञान में आया है। यहां एक महिला रेंजर ने शहर के लोगों सहित मासूम को अपराध करने से रोकने के बजाय अपनी आंखों के सामने अपराध करने दिया और पकड़ कर सीखचों के अंदर डाल दिया। करीब पांच घंटे तक उन्हें बैरिक में रखने के बाद चालान काटा गया। उक्त युवक व मासूम बच्चा ऋषि पंचमी की पूजा के लिए दांतुन तोड़ने गए थे। बच्चे को पकड़ कर थाने लाने का मामला जैसे ही मीडिया के संज्ञान में आया तो उसे बाहर निकाल कर बिस्कुट दिला दिए।

मैडम हमारे चढ़ने के इंतजार कर रहीं थीं

दरअसल आज ऋषि पंचमी के व्रत और पूजा के लिए महिलाओं को जंगल में उगने वाली खरपतवार की आवश्यकता होती है। इसी खरपतवार की तलाश में आज शहर के लोग भदैया कुंड के आसपास गए थे। इन्ही लोगों में नीरज सिंह सिसोदिया, ठाकुरदास शाक्य व उसका मासूम बच्चा राज शामिल थे। नीरज के अनुसार जैसे ही वह भदैया कुंड पहुंचा तो वहीं ठाकुरदास भी खड़ा था। पास में ही रेंजर मैडम की जीप खड़ी थी। करीब दस मिनट हम वहां खड़े रहे तो किसी ने कुछ नही कहा। इसके बाद हम दांतुन की तलाश में बाउंड्री फांद कर अंदर जाने की कोशिश करने लगे तो मैडम और उनके ड्राइवर ने हमें पकड़ लिया व वन थाने लाकर बैरिक में बंद कर दिया। इस कार्यवाही से मासूम राज तक को अलग नहीं किया गया। जैसे ही मीडिया वहां पहुंची तो मासूम को बाहर निकाल दिया गया। नीरज का कहना है कि न तो मैडम ने हमें रोका और न ही आगाह किया कि यहां से चढ़ना अपराध है। बकोल नीरज ऐसा लग रहा था कि मैडम हमारे चढ़ने के इंतजार कर रही थी।

अधिवक्ता चंद्रभान सिंह सिकरवार की माने तो कानून कहता है कि अगर किसी लोकसेवक के सामने कोई अपराध हो रहा है या अपराध होने की संभावना है तो उक्त लोकसेवक को उसे होने से रोकना चाहिए। एक आम आदमी भी यह कर सकता है, यह मूल कर्तव्य की श्रेणी में आता है और रेंजर ने ऐसा नहीं किया।

सम्बंधित ख़बरें

Follow Us

17,733FansLike
0FollowersFollow
17FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Popular