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किशोरियों में एनीमिया से बचाव एवं निदान के लिए जागरुकता सह स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित / Shivpuri News

बदलती जीवनशैली के साथ आहार संबंधी आदतों में होने वाला बदलाव एनीमिया का मुख्य कारण -डाक्टर पवन जैन सीएमएचओ

किशोरी बालिकाए अपने आहार में सहजन की फली एवं पत्तियों का अवश्य उपयोग करेंः डीपीओ डीके सुन्दरियाल

शिवपुरी। पिछले कुछ सालों के दौरान भारत सहित दुनिया भर में एनीमिया पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बदलती जीवनशैली के साथ आहार संबंधी आदतों में होने वाला बदलाव इस समस्या के मुख्य कारण के रूप में सामने आ रहा है। यह कहना था मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा0 पवन जैन का जो कि शक्तिशाली महिला संगठन द्वारा गौशाला बाल शिक्षा केन्द्र में आयोजित किशोरी बालिकाओं में एनीमिया से बचाव एवं निदान जागरुकता सह स्वास्थ्य जांच शिविर में अपने मुख्य उदबोधन में बोल रहे थे उन्होने कहा कि वास्तव में एनीमिया कोई बीमारी नहीं है लेकिन यह कई बीमारियों की वजह जरूर बन सकता है। समय रहते इस पर काबू पाकर सेहत संबंधी कई गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। हमारे शरीर को हेल्दी और फिट रहने के लिए अन्य पोषक तत्वों के साथ.साथ आयरन की भी जरूरत होती है। आयरन ही हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। ये कोशिकाएं ही शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने का काम करती हैं। हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर रक्त में ऑक्सीजन पहुंचाता है। इसलिए आयरन की कमी से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है और हीमोग्लोबिन कम होने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इसकी वजह से कमजोरी और थकान महसूस होती है इसी स्थिति को एनीमिया कहते हैं। एनिमिया के मुख्य लक्षणों में चक्कर आना,थकान होना,.त्वचा का पीला पड़ना,सीने में दर्द,.तलवे और हथेलियों का ठंडा पड़ना,लगातार सिर में दर्द,.शरीर में तापमान की कमी एवं .आंखों के नीचे काले घेरे होते है अगर आपको इनमे से कोई भी लक्षण है तो आप अपनी जांच अवश्यक कराए। कार्यकम में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास देवेन्द्र सुन्दरियाल ने किशोरी बालिकाओं को सबोधित करते हुए कहा कि आप कहीं एनिमिककि तो नहीं हैं जानने के लिए आपको अपना वजन एवं उचाई का पता होना चाहिए बीएमआई के माध्यम से भी आप अपनी स्वास्थ्य जांच स्वयं कर सकती है क्योकि एनिमिया की ज्यादातर महिलाएं बनती हैं शिकार क्योकि शरीर के रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी से होने वाला रोग एनीमिया ऐसी समस्या है जिसकी अधिकांश महिलाएं शिकार होती हैं। गर्भवती महिलाओं में एनीमिया का प्रभाव अधिक पाया जाता है। गर्भावस्था के दौरान शरीर को अधिक मात्रा में विटामिन मिनरल व फाइबर आदि की जरूरत होती है। रक्त में लौह तत्वों की कमी होने से शारीरिक दुर्बलता बढ़ती है। वजन कम करने के लिए डाइटिंग कर रही लड़कियां भी इसकी शिकार हो जाती हैं। पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग होने पर, युट्रस में ट्यूमर, आंतों का अल्सर या पाइल्स के कारण भी एनीमिया की आशंका बढ़ जाती है। बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग करवाने वाली महिलाओं को भी एनीमिया होने का खतरा रहता है। इसीलिए अपनी दैनिक आहार में सहजन की फलियों से लेकर पत्तियों तक का उपयोग करके आप इस समस्या को दूर कर सकते है । कार्यक्रम में जिला टीकाकरण अधिकारी डा0 संजय ऋषिश्वर ने बताया कि विभाग द्वारा पांच तक के बच्चों को आयरन के सीरप , 11 साल तक के बच्चो को पिंक गोली किशोरी बालिाकआो के लिए नीली गोली एवं गर्भवती धात्री माताओ के लिए लाल रंग की गोली निशुल्क आंगनवाड़ी केन्द्रो पर दी जा रही है इसके अलावा किशोरी बालिकाओं को नाश्ता जरुर करना चाहिए एवं अपने आहर में हरे पत्ते दार सब्जियों का उपयोग जरुर करना चाहिए इससे हम खून की कमी से बच सकते है। किशोरी बालिकाओं की स्वास्थ्य जांच डॉक्टर अर्पित बंसल ,जिला चिकित्सालय शिवपुरी द्वारा की गई। कार्यक्रम मे सुपोषण सखी श्रीमती ममता जोशी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गायत्री कुश्वाह , न्यूट्रीशन चैम्पियन पूनम ओझा , स्वच्छ भारत के संभागीय समन्वयक अतुल त्रिवेदी एवम् डॉक्टर अर्पित बंसल ने भी संबोधित किया इसके साथ कार्यक्रम में उपस्थित सम्मानीय अतिथियों को पौधा देकर उनका सम्मान किया कुपोषित बच्चो की माताअें को हायजिन किट एवं संस्थागत प्रसव कराने वाली माताओं को न्यूबोर्न बेबी किट प्रदान किया। कार्यकम मे शक्तिशाली महिला संगठन के रवि गोयल एवं उनकी पूरी टीम, सीएमएचओ डा पवन जैन, डा संजय ऋषिश्वर , जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र सुन्दिरयाल, के साथ किशोरी बालिकाओं एवं गर्भवती माताओं ने भाग लिया।

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