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सिंध जलावर्धन योजना : नपा का जादुई आंकड़ा, 6 हजार 500 घरों में कर रहे दो करोड़ लीटर पानी की सप्लाई, योजना चढ़ गई / Shivpuri News

शिवपुरी। शहर की आधी आबादी की प्यास बुझाने के लिए
सिंध जलावर्धन योजना मंजूर हुई थी, लेकिन दो दशक गुजर चले पर जलावर्धन योजना से शहर में लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। अभी तक सिर्फ 6500 लोगों तक ही सिंध जलावर्धन योजना का पानी पहुंच रहा है। बीते रोज सीएम शिवराजसिंह चौहान ने सिंध जलावर्धन योजना के काम को अपने संज्ञान में लिया, लेकिन अब भी नगर पालिका के अधिकारी पनी जिम्मेदारी के प्रति गंभीर होते दिखाई नहीं दे रहे हैं। उच्चस्तीय बैठक में शिवपुरी प्रशासन की ओर से बताया गया था कि सिंध से हर दिन 20 से 22 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है। सिंध जलावर्धन योजना में अभी लगभग 6500 कनेक्शन ही हुए हैं। फिल्टर प्लांट से सिर्फ आठ टंकियों में ही पानी सप्लाई किया जा रहा है। ऐसे में हैरान करने वाली बात है कि आखिर 22 एमएलडी पानी जा कहां रहा है। प्रशासन 22 एमएलडी पानी सिंध से सप्लाई होने का जो दावा कर रहा है, उस दावे की कनेक्शन और टंकियां पोल खोल रही हैं।

सिंध से जो प्लांट लगाया गया है, उसकी क्षमता 40 से 42 एमएलडी पानी सप्लाई करने की है। यहां से हर दिन 22 एमएलडी यानी दो करोड़ लीटर पानी सप्लाई होने का दावा किया जा रहा है। अभी सिंध के कनेक्शन सिर्फ 6500 हुए हैं यानी इस तरह से हर दिन एक घर में तीन हजार लीटर से ज्यादा पानी सप्लाई किया जा रहा है जो कि संभव नहीं है। जिस पानी की मात्रा से आधी आबादी की प्यास बुझाना था वह चंद घरों में दे दिया जाए, यह व्यवहारिक रूप से असंभव है।

यहां हो रहा हैं प्रत्येक दिन पानी सप्लाई

शहर में इन पानी टंकियों पर यदि गौर किया जाए तो प्रत्येक सिंध जलावर्धन योजना के माध्यम से इन टंकियों को भरा जा रहा हैं और नागरिकों को पानी घर तक उपलब्ध कराया जा रहा हैं। इसमें लुधावली, कलेक्टर कोठी के पास, मनियर, फतेहपुर, ठकुरपुरा नई पानी की टंकी एवं पुरानी टंकी, भारतीय विद्यालय, पीएचक्यू लाईन अम्बेडकर भवन की टंकियों को रोजाना भरा जा रहा हैं। इसके बाद फिजीकल पानी की टंकी और बड़ौदी को सिंध की लाइन से जोड़ दिया गया हैं, लेकिन नल कनेक्शन न होने कारण यह अभी चालू नहीं की गई हैं।

बंद करना पड़ती है मोटर, क्योंकि भरने की जगह नहीं

सिंध जलावर्धन के लिए बनाए गए फिल्टर प्लांट के मैकेनिकल इंजीनियर अवनीश शुक्ला ने बताया कि हम पूरे समय मोटर चालू रखते हैं, जिससे आठ टंकियां भरी जा रही हैं। अभी थीम रोड और सीवर प्रोजेक्ट में लाइन फूटने के कारण एक हफ्ते जल प्रदाय बाधित रहा था। इसके अलावा मोटर गर्म होने पर एक-दो घंटे बंद की जाती है। कभी-कभी टंकियां खाली ही नहीं हो पाती हैं, इसलिए भी पानी की सप्लाई बंद करना पड़ती है। दरअसल टंकियों से पानी सप्लाई होने की पूरी लाइन ही नहीं है, इसलिए टंकियां जल्दी खाली ही नहीं हो पाती हैं।

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