नवरात्र में यदि नौ दिन के लिए व्यसन छोड़ सकते हैं तो 90 दिन भी इससे दूर रह सकते हैं : डॉ. जैन / Shivpuri News


शिवपुरी। तंबाकू का सेवन जानलेवा हो सकता है। ये जानते हुए भी दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू, बीड़ी व सिगरेट और गुटखा आदि का सेवन कर रहे हैं। ऐसे में उन पर कई जानलेवा बीमारियों का खतरा मंडराने लगता है। घर में स्मोकिंग करने से बच्चों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। कई लोग नवरात्र में मादक पदार्थों का सेवन छोड़ देते हैं। ऐसे में यदि आप नौ दिन ये छोड़ सकते हो तो 90 दिन के लिए भी और फिर जिंदगी भर के लिए भी छोड़ सकते हो। यह बात मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पवन जैन ने कही। वे पिछड़ी बस्ती मदकपुरा में खुले परिसर में विश्व तंबाकू निषेद्ध दिवस पर जागरूकता सह स्वास्थ्य जांच शिविर को सबोधित कर रहे थे।


कार्यक्रम संयोजक रवि गोयल ने बताया कि तंबाकू के सेवन से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार और तेजी से होती बढ़ोतरी को देखते हुए विश्व स्वास्थ संगठन यानी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने साल 1987 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाने की शुरुआत की थी। हालांकि पहली बार सात अप्रैल 1988 को यह दिवस मनाया गया थाए लेकिन उसके बाद 31 मई 1988 को एक प्रस्ताव पास हुआ और उसके बाद से हर साल 31 मई को यह दिवस मनाया जाने लगा। डॉ. अर्पित बंसल द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और पुरुषों की स्क्रीनिंग करते हुए बताया कि तंबाकू के सेवन से कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों के होने का खतरा रहता है। इसमें फेफड़े का कैंसर, लिवर कैंसर, मुंह का कैंसर, कोल कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और हृदय रोग जैसी बीमारियां शामिल हैं। इसीलिए आप इसका सेवन तत्काल रोकिये और जिला चिकित्सालय के मनकक्ष में मुझसे आकर मिले एवं आवश्यक परामर्श लें।


कार्यक्रम में मेडिकल आफिसर डॉ. निदा खान ने बताया कि गर्भवती माताओं को गर्भ काल में अगर किसी भी प्रकार का नशा किया जा रहा है या तंबाकू का उपयोग किया जा रहा है तो बच्चे का सर बड़ा या बच्चे के होठ जन्म के समय से ही कटे.फटे होंठ या अविकसित हो सकते है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगो को तंबाकू छोड़ने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में डॉ. पवन जैन, डॉ. अर्पित बंसल, डॉ. निदा खान, रवि गोयल, प्रमोद गोयल, कपिल, राहुल, राकेश, राजेश आंगनबाड़ी सहायिका राधा यादव, सुपोषण सखी नीलम प्रजापति, आशा कार्यकर्ता अनीता पाल, मदकपुरा समुदाय की गर्भवती महिलाओं और व्यसन में लिप्त पुरुषों ने भाग लिया।



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