पंचायती राज से मिला है, महिलाओं को राजनीतिक सशक्तिकरण कु. शिवानी राठौर / Shivpuri News

शिवपुरी। पंचायती राज से महिला नेतृत्व को वर्तमान भारत में अपनी राजनीतिक प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। पंचायती राज महिला स्वतंत्रता, समानता, मजबूती और महत्ता की हिमायत करता है, इसलिए इसे सम्पूर्ण मानव समाज के आधे हिस्से की बेहतरी से जुड़ा कहा जा सकता है।


 

पंचायती राज स्थापना दिवस गूगल मीट पर मनाते हुए कु. शिवानी राठौर जिला अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग महिला कांग्रेस शिवपुरी ने अपनी साथी राजनीतिक महिला कार्यकर्ताओं एवं अन्य युवा कार्यकर्ताओं को को संबोधित करते हुए बताया कि मध्य-प्रदेश सरकार ने पंचायती राज में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाने की पहल की थी। महिला सशक्तिकरण के लिये भारत में स्थानीय स्वायत्त संस्थाओ की विकेंद्रीकरण प्रणाली प्रारम्भ की गई। यह विकेंद्रीकरण जमीनी स्तर पर हुआ है तथा इन संस्थाओ में महिलाओ के लिए एक-तिहाई स्थान आरक्षित (वर्तमान में कई राज्यों में 50 प्रतिशत) किए जाने से जमीनी स्तर पर काफी बदलाव हुए है।


आज भारत में 12 लाख से अधिक महिला निर्वाचित प्रतिनिधि है जो दुनिया के किसी भी देश में नहीं हैं। अगर दुनिया की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की संख्या जोड़ी जाए तो वह संख्या इन भारतीय निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों से कम ही है। पंचयतो में महिला नेतृत्व विकास एक एसी मौन क्रांति का द्योतक है जो अभी राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक रूप से भले ही दिखाई नहीं दे रही हो पर उसकी धीमी आँच भारतीय लोकतंत्र को अवश्य मजबूत बना रही है। यह क्रांति देश के सत्ता-विमर्श के ढांचे में ही बदलाव नहीं ला रही है बल्कि पंचायत स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में महिलाओ की भागीदारी ने स्थानीय स्तर पर सामुदायिक जीवन और संस्कृति में भी परिवर्तन लाया है। इन निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों ने सत्ता के जातीय समीकरण को ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समीकरण को भी बदल है। ग्राम सभा से लेकर संसद तक राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओ की भागीदारी दिनोंदिन बढती जा रही है।


महिलाओं की पंचायतो में भागीदारी होने के साथ ही उनकी आत्मनिर्भरता भी बढ़ी है तथा उनमे जागरूकता भी आयी है। महिलाएं छोटे-छोटे स्वयं सहायता समूहों के जरिये अपना स्वरोजगार अपना रही हैं तथा देश के राष्ट्रीय विकास में अपना सहयोग भी दे रही है। पंचायतो से ही महिलाओ के राजनितिक सशक्तिकरण अभियान को गति मिली है। इस अवसर पर भारती जाटव, सुनीता कुशवाह, सलोनी राठौर, मुस्कान जैन, सागर, ऋषव आदि महिला और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

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