अध्यापकों व शिक्षकों को भी कोरोना योद्धा घोषित करे सरकार / Shivpuri News

संक्रमण की रोकथाम को लेकर नाकों व ग्राम पंचायत स्तर पर ड्यूटी दे रहे हैं शिक्षक


 

शिवपुरी- कोरोना माहामारी जैसी राष्ट्रीय आपदा के दौर में संक्रमण की रोकथाम को लेकर अध्यापक व शिक्षक नाकों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर ड्यूटी दे रहें हैं। कोरोना योद्धा का दर्जा न दिए जाने से अध्यापकों व शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है। अध्यापकों व शिक्षकों की मांग है कि उन्हे भी फ्रंट लाईन कोरोना वर्कर मानते हुये मुख्यमत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ दिया जाए।


प्रांतीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार सरैया एवं कार्यवाहक जिलाध्यक्ष विपिन पचौरी ने बताया कि कारोना ड्यूटी में संलग्न अध्यापकों व शिक्षकों को कोरोना फ्रन्ट लाईन वर्कर मानते हुए मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ दिए जाने की मांग सरकार से की है। शायकीय अध्यापक संगठन के जिलाध्यक्ष पवन अवस्थी, कर्मचारी नेता अरविन्द सरैया व अजाद अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष सनील वर्मा, राज्य शिक्षक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमरदीप श्रीवास्तव शासकीय अध्यापक संगठन की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुनीता भदौरिया का कहना है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये शिवपुरी सहित म.प्र. के कई जिलों में अध्यापक व शिक्षक नाकों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर कोरोना महामाही के संक्रमण की रोकथाम को लेकर फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में कार्य कर रहे हैं। ग्वालियर में भी उन्हें निजी व सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं के समन्वय कार्य हेतू लगाया गया है। सरकार द्वारा अन्य कर्मचारियों की भांति कारोना ड्यूटी में संलग्न अध्यापकों व शिक्षकों को कारोना योद्धा का दर्जा न दिये जाने से समूचे शिक्षक जगत में परिवार के भविष्य को लेकर असंतोष व्याप्त हो गया है। म.प्र. में शिक्षकों व अध्यापकों सहित शिक्षा विभाग के शासकीय सेवकों के संक्रमित होने व मृत्यु होने का बहुत बढ़ा आंकड़ा म.प्र. में उभर कर सामने आया है। वर्तमान व्यवस्था में अध्यापकों व शिक्षकों कोे नवीन पेंशन योजना में नाम मात्र की राशि मिलती है। अनुकंपा के नियमों में वहीं कई परेशानियां हैं। संयुक्त मोर्चा अध्यापक शिक्षक संघ की मांग है कि अध्यापको व शिक्षकों को भी फ्रन्ट लाईन कोरोना बर्कर मानते हुये मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ दिया जाए।

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