अस्पताल की सुरक्षा में सेंध, ऑपरेशन थियेटर में घुसे चोर, काट ले गए ऑक्सीजन पाइप लाइन / Shivpuri News

शिवपुरी। जिला अस्पताल की आए दिन कोई न कोई खामी सामने आ रही है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस और बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रहा है। बात चाहे इलाज की हो या फिर अस्पताल की सुरक्षा की लगातार लापरवाही समाने आ रही हैं। ऐसा ही एक मामला बीते रोज सामने आया यहां चोरों ने अस्पताल की पांच मंजिला इमारत की चौथे माले पर िस्थत ऑपरेशन िथयेटर में से ऑक्सीजन के पाइप चोरी कर लिए। वैक्यूम एवं ऑक्सीजन पाइप चोरी जाने के साथ एयर पाइप भी तोड़ देने से सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सप्लाई ठप हो गई है। ऑपरेशन थिएटर जैसी जगह में चोरी की घटना सुरक्षा में बड़ी चूक है।


रविवार-सोमवार की रात चोरी हुई चोरी की इस घटना से जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। नाइट ड्यूटी के दौरान मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा एजेंसी के तीन सिक्योरिटी गार्ड नदारद रहे जबकि हाजिरी रजिस्टर पर सुपरवाइजर के भी 12 दिन से हस्ताक्षर नहीं हैं। इस गंभीर लापरवाही को लेकर सिविल सर्जन का कहना है कि नुकसान की भरपाई सुरक्षा एजेंसी करेगी। चोरी की घटना के बाद अस्पताल पुलिस चौकी में आवेदन दे दिया है। पुलिस विवेचना में संबंधित सिक्योरिटी गार्ड व सुपरवाइजर से भी पूछताछ करेगी।


चोरी की सूचना पर सिविल सर्जन डाॅ. पीके खरे मौके पर पहुंचे। लिफ्ट खराब होने पर चौथे माले पर सीढ़ियां चढ़कर पहुंचे। हाजिरी रजिस्टर मंगाकर देखा तो सुपरवाइजर आकाश के 3 मार्च तक हस्ताक्षर थे। 4 मार्च से 15 मार्च तक हस्ताक्षर ही नहीं थे। इसी तरह सिक्योरिटी गार्ड पिंकी कुशवाह व अजय मौर्य के भी रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं थे। हालांकि जितेंद्र रावत के हस्ताक्षर थे। उस दौरान नाराज सिविल सर्जन ने केस दर्ज कराने तक की बात कही। पांच मंजिला इमारत मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराई गई है और सुरक्षा व्यवस्था भी कॉलेज की एजेंसी को दी गई है। सिक्योरिटी गार्ड होते हुए भी चोरी हो जाना या तो बड़ी लापरवाही है या गार्ड या कर्मचारी की मिलीभगत से ऐसा हुआ है।


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