पोहरी तहसील का मुक्तिधाम पड़ा है क्षतिग्रस्त, नहीं है सुख सुविधा / Pohari News



मोनू नामदेव शिवपुरी। जिले की पोहरी तहसील में मुक्तिधाम जो पड़ा है वीरान, जहां लोग अपनी जरूरत की पूर्ति भी नही कर पाते जब दाह संस्कार किया जाता है तो न ही यहां पानी की सुविधा है और ना ही बैठने की उत्तम व्यवस्था। पानी के लिए लोग लगभग 1 किलोमीटर दूर जाकर पानी लेकर आते है तब जाकर आगे की क्रिया विधि करते है। लोगों के लिए यहां पीने को पानी भी नही है और ना बैठने के लिए उचित स्थान। यहां आपको बता दें कि यहां 3 चबूतरे है जहां शरीर का दाह संस्कार किया जाता है पर यहां दो चबूतरो पर टीनशेड सही स्थिति में नहीं है। और एक पर बिल्कुल ही नहीं है। सोचने वाली बात तो यह है कि पोहरी स्थानीय निवासी जो राज्य मंत्री होकर भी अपनी पोहरी की स्थिति को ठीक नही कर पा रहे है। क्या राज्यमंत्री सुरेश धाकड़ (राठखेड़ा) को यह भी दिखाई देता कि लोगो की जरूरत मंद की सुख सुविधा उपलब्ध कराई जाएं।

यहां तो राठखेड़ा जी को समय ही नहीं है कि अपनी जन्मभूमि पोहरी की जनता के लिए भी अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले व्यक्तियों को भी सुख सुविधा मुहैया कराई जाए। जिससे अंतिम संस्कार करते वक्त किसी भी परिजन या किसी भी व्यक्ति को मुक्ति धाम से समस्या नही आए। जहां नेता बनने से पहले जनता को बड़े बड़े दावे करते है। लेकिन वही जब नेता बन जाता है तो उन दावों को भूल जाते हैं, क्या इसी को विकास कहते हैं ,जहां व्यक्ति अपनी अंतिम यात्रा करने में भी समस्यायों का सामना मरने के बाद भी करे। 
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