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गांधी जी ने नमक बनाकर अंग्रेजों के कानून को तोड़ किया नमक सत्याग्रह- द्विवेदी

उत्कृष्ट विद्यालय में अमृत महोत्सव के दौरान शिक्षाविद ने  सुनाए दांडी यात्रा के संस्मरण

 शिवपुरी। अंग्रेजी शासन काल में भारतीय जनता को ब्रिटेन से आने वाले नमक को खरीदने के लिए विवश होना पड़ता था। महात्मा गांधी जी ने नमक बनाकर ना सिर्फ अंग्रेजों के कानून को तोड़ा वरन भारतीयों में स्वतंत्रता के प्रति जोश भरने का काम किया। देश की स्वाधीनता के संग्राम में अमर बलिदानी तात्या टोपे, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, सुखदेव, बाल गंगाधर तिलक व सुभाष चंद्र बोस  सहित जिले के  डॉ राधेश्याम द्विवेदी, रामसिंह वशिष्ठ, हरकिशन लाल खत्री, वैदेहीचरण पाराशर व पोहरी के पौराणिक के योगदान को भुलाया नहीं जा सकेगा। यह बात जिले के जाने-माने शिक्षाविद व पूर्व प्राचार्य एम एस द्विवेदी ने उत्कृष्ट विद्यालय में देश की स्वाधीनता के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष मेँ आयोजित अमृत महोत्सव में छात्रों को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर प्राचार्य विवेक श्रीवास्तव, डॉ रतिराम धाकड़, हेमंत जेमिनी, दुर्गेश चौबे,प्रतिभा राठौड़, राकेश शर्मा, पीटीआई ताहिर अहमद सहित स्टाफ मौजूद था। कार्यक्रम का संचालन राकेश कुलश्रेष्ठ ने किया।

 
छात्र-छात्राओं ने भी बताया स्वाधीनता में शहीदों का योगदान

उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता माधव शरण द्विवेदी ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम में प्राचार्य विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि एम एस  द्विवेदी के पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ राधेश्याम द्विवेदी के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि वे ना सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे वरन बहुत बड़े कानूनविद थे। प्रदेश के बड़े-बड़े मजिस्ट्रेट व वकील उनसे सलाह लेने आते थे उनकी वकालत की पुस्तकें आज भी हाईकोर्ट व अन्य जिला न्यायालय में चल रही हैं। इस दौरान विद्यालय के छात्र हलचल सेन व छात्रा सलोनी शर्मा ने भी स्वाधीनता में भारतीयों के योगदान पर विचार व्यक्त किए।
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