आज मित्रता मात्र स्वार्थ पर आकर टिक गई है : पं. विजय कटारे / Bairad News


बैराड़। नगर के गोल पहाड़िया वाले ठाकुर बाबा पर हो रही भागवत कथा के सातवें दिन कथा वाचक विजय कुमार कटारे ने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। इसमें उन्होंने कृष्ण और सुदामा की मित्रता के बारे में गहनता से बताया। कथा वाचक ने बताया कि आज मित्रता मात्र स्वार्थ पर आकर टिक गई है, लेकिन मित्रता का संबंध एक एेसा संबंध है, जिससे बड़ा संबंध ना तो कोई है और ना ही होगा। मित्रता अपने आप में एक परिपूर्ण रिश्ता है, जैसी किसी भी वस्तु के लिए कोई भी स्थान नही होता है। भागवत में कृष्ण और सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए स्वयं कृष्ण ने इस संसार को सच्ची मित्रता का पाठ पढ़ाया है। कृष्ण के राजा होने के बाद भी वर्षो बाद सुदामा को पहचानना और उन्हें अपने समान आदर दिलवाना और प्रेम में चावल खा दो लोकों का राजपाठ देना सच्ची मित्रता को इंगित करता है। कथा के दौरान मुख्य यजमान धनीराम ओझा, बीरेंद्र ओझा एवं अन्य श्रोताओं ने कथा का आनद लिया।

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