अंतिम सांसे लेती बैराड़ नगर परिषद की व्यवस्था नहीं कोई देखने को जिम्मेदार / Bairad News


धीरज ओझा

 

बैराड़। मध्यप्रदेश के ग्वालियर चम्बल सम्भाग में सबसे पिछड़ी हुई नगर परिषद है तो वह बैराड़ नगर परिषद है जहां पर भ्रष्टाचार की बात की जाए तो यहां पर जमकर भृष्टाचार हुआ है जहां पर जिम्मेदारों का इस ओर नहीं है कोई ध्यान।


शहर में बंद पड़ी है स्ट्रीट लाइट व्यवस्था

शहर की अधिकतर स्ट्रीट लाइट रात के समय बंद रहती है लोगों का कहना है कि ये स्ट्रीट लाइट कभी जलती ही नहीं है ऐसे में रात के समय में दिक्कत आती हैं। दूसरी तरफ़ नगर परिषद का दावा है कि शहर में सभी लाइट चालू है और शिकायत मिलने पर ठीक कर दी जाती हैं लेकिन सच्चाई इससे कोसो दूर है शहर के मुख्य मार्ग पर लगी स्ट्रीट लाइट लगभग 80 प्रतिशत बंद पड़ी है। जबकि शहर के मुख्य मार्गो पर नगर परिषद द्वारा खुद मेंटिनेंस का कार्य किया जाता है लेकिन पिछले महीनों से रात के समय में स्ट्रीट लाइट नही जलती है इससे आपराधिक घटना होने की आशंका ज्यादा रहती हैं।


पेयजल संकट से परेशान हैं शहरवासी

नगर परिषद की लापरवाही के कारण बैराड़ नगर वासियों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है जो लोग आर्थिक रूप से सम्पन्न है वह तो निजी टैंकरों से पेयजल का इंतजाम कर लेते है लेकिन पिछड़ी में गर्मी में पेयजल के लिए लोगो को संघर्ष करना पड़ता हैं। पिछड़ी बस्तियों में पेयजल के लिए जो ट्यूबवेल लगाये गए वह खराब पड़े हैं मजबूरी लोग दूर से कुँए का गंदा पानी पीने को हैं मजबूर हैं।

अधिकांश ट्यूबवेल पड़े हैं बंद

नगर परिषद के जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण वार्डो में लगे अधिकांश ट्यूबवेल बंद पड़े हैं और जो चल रहे है उनमें पाईप लाइन कम की स्थिति बनी हुई है जबकि हम इस समस्या को कई बार सामने ला चुके है फिर जिम्मेदार नहीं देते कोई ध्यान।


शहर में कई जगह गंदगी बदबू से है लोग परेशान

प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाये गए स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ाने बैराड़ नगर परिषद नहीं छोड़ रही कोई कसर चाहे बस स्टैंड की हालत हो चाहे पुरानी अनाज मंडी क्षेत्र एवं शहर की कई जगह सफाई व्यवस्था केवल दिखावा ही रही बाँकी जहां पर आसपास में सड़ाँध से लोग परेशान हैं इस समस्या को लेकर कई बार लोगो ने सीएम हेल्पलाइन भी दर्ज कर रहे है लेकिन एक या दो दिन ही सफ़ाई की जाती हैं

मगर यहां के अधिकारियों को किसी से कोई मतलब नहीं है ,इन्हें तो सिर्फ एक मोटी वेतन पाने से मतलब है। साथ ही नगर परिषद बैराड़ में पदस्थ सीएमओ साहब का न आने का पता न जाने का पता।,ऑफिस में नहीं मिलते हैं सीएमओ बैराड़ ,नगरवासी छोटे-छोटे काम कराने के लिए भी दर-दर भटकते रहते हैं।

इनका कहना है

बाजार में बहुत दिन 5स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है जिससे कि रात्री के समय आने जाने में परेशानी होती है

ओमप्रकाश समाज सेवी बैराड़

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हमारी वार्ड में महीने से सफाई नही हुई नाही कोई कर्मचारी आया केवल कभी कभी फोटो सेशन के लिए झाड़ू हाथ मे लेकर चले जाते।

छोटू वार्ड नं 02 पुराना बैराड़


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मुझे बताया गया है में सीएमओ एवं अन्य बरिष्ठ अधिकारियों से बात करूंगा।

धीरज व्यास समाज सेवी एवं पूर्व उपाध्यक्ष नगर परिषद बैराड़


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बैराड़ नगर परिषद को एक-दो दिन में नया सीएमओ मिल जाएगा।

सुरेश धाकड़ (राण्ठखेड़ा) पीडब्ल्यूडी राज्य मंत्री मध्यप्रदेश शासन


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जब हमारे संवाददाता ने प्रशासक एसडीएम जेपी गुप्ता की राह जानी तो बताया कि आप नगर पालिका चले जाओ और आवेदन की कॉपी मुझे दो ।

जेपी गुप्ता एस.डी.एम. पोहरी


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