जिले भर में हुई आशाओं की भर्ती में फर्जीबाड़ा, 206 अपात्र आशाओं की कर दी भर्ती, करैरा व बदरवास का रिकॉर्ड गायब / Shivpuri News

शिवपुरी। शासकीय विभागों में किए जा रहा भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन किसी न किसी विभाग के नए कारनामे सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक कारनामा स्वास्थ्य महकमे का सामने आया यहां बिना गाइड लाइन व नियमों का पालन किए 206 आशाओंकी भर्ती कर डाली। यह भर्ती 2016 से 2020 तक का हैं। इतना ही नहीं करैरा और बदरवास में भर्ती का रिकॉर्ड ही गायब कर दिया गया है। वहीं इस घाटाले का सूत्रधार जिला कार्यालय में कम्युनिटी मोबिलाइजर आनंद माथुर को बताया जा रहा है जिनके द्वारा आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति हुई थी। उन्हीं के निेर्दशन में 2016 से अब तक यह भर्ती की गई है। ऐस में विकासखंड स्तर के अधिकारियों सहित इस पूरे फर्जीबाड़े का सूत्रधाार यही मोबिलाइजर बताया जा रहा है।

हर ब्लॉक में हुई थी भर्ती

इस मामले में भर्ती के एवज में बड़े स्तर पर लेनदेन की बात सामने आ रही है। जिले के लगभग सभी विकासखंडों में भर्तियां की गई थी। भर्ती के दौरान विकासखंड स्तर पर बीएमओ, बीसीएम, बीपीएम को चयन प्रक्रिया प्रारंभ करना था, लेकिन इन मामलों में बीएमओ कार्यालय से कोई पत्र ही जारी नहीं हुआ। सीधे ग्राम पंचायत ने ठहराव प्रस्ताव लिखकर भर्ती करना ता दिया। जिन गांवों में 50 फीसदी आवादी एससी एसटी की है वहां इसी र्व में भर्ती होना था, जो नहीं किया गया। विधवा, तलाकशुदा महिलाओं को प्राथमिकता नहीं दी गई। चयन के दस्तावेजों पर कार्यालयीन अावक जावक क्रमांक, तारीख नदारद है। कई नियुक्ति आशा संबंधित ग्राम में निवास ही नहीं कर रही तो कईयों के शैक्षणिक दस्तावेज ही उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।


इनका कहना है

भर्ती को लेकर हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आएगी तो हम मामले की जांच करवाकर दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

डॉ. एके दीक्षित, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य ग्वालियर




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