कठिन परिश्रम से मिलती है सफलता, यह इन प्रशिक्षुओं ने कर दिखाया : महानिदेशक कुमार राजेशचन्द्रा / Shivpuri News

सशस्त्र सीमा पुलिस के 24वें बैच सहायक कमाण्डेट का दीक्षांत समारोह आयोजित
 

शिवपुरी-कठिन परिश्रम हमेशा सफलता का परिचायक होता है यही परिश्रम इन 37 प्रशिक्षु सहायक कमाण्डेट ने अपने कठिन परिश्रम से कर दिखाया है अपनी नई जिम्मेदारियों के साथ यह सभी प्रशिक्षु अपना नया भविष्य संवारेंगें और संस्थान के उद्देश्यों, नियमों का अनुपालन को अपनाते हुए एक आदर्श जीवन जीऐंगें, यही मेरी शुभकामनाऐं है। उक्त उद्गार प्रकट किए सशस्त्र सीमा पुलिस बल के महानिदेशक कुमार राजेशचन्द्रा ने जो स्थानीय मप्र भोपाल के चंदूखेडी में आयोजित सशस्त्र सीमा बल अकादमी के 24वें बैच सहायक कमांडेंट (सीधी भर्ती) के कुल 37 प्रशिक्षु अधिकारियों के दीक्षांत परेड समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। इस अवसरपर कुमार राजेश चन्द्रा, भारतीय पुलिस सेवाए महानिदेशक सशस्त्र सीमा बल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे।


मुख्य अतिथि द्वारा परेड निरीक्षण के उपरान्त सशस्त्र सीमा बल के बैंड दस्ता की मधुर धुनों पर परेड में शामिल टुकड़ीयों द्वारा मार्चपास्ट किया गया। प्रशिक्षु अधिकारियों को भारतीय संविधान को साक्षी मान, शपथ दिलाकर राष्ट्र सेवा में समर्पित किया गया। अपने स्वागत भाषण और प्रशिक्षण रिपोर्ट में राजिन्द्र कुमार भूमला, महानिरीक्षक/निदेशक सशस्त्र सीमा बल अकादमी भोपाल ने कहा कि वर्ष 2020 में कोरोना के कारण उत्पन्न विषम परिस्थितियों में भी कोरोना के सभी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रशिक्षण गतिविधियों को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। उन्होंने अकादमी के आसपास क्षेत्र में महामारी के दौरान एसएसबी द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। श्री भूमला ने कहा कि आज के बदलते हुए परिदृश्य एवं बल की बढ़ती हुई जिम्मेदारियों कोध्यान में रखते हुए इन प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है।  दीक्षांत परेड के शुभ अवसर पर दीक्षांत परेड के परेड कमांडर रहे संदीप आर्य सहायक कमांडेंट प्रशिक्षु साथ ही निशान टोली का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, निरीक्षक जीडी सचिंद्र सिंह यादव तथा उप निरीक्षक जीडी प्रेम कुमार सिन्हा निशान की पवित्र उपस्थिति में सभी प्रशिक्षु अधिकारियों शपथ लेकर राष्ट्र धर्म का पालन करने की शपथ ली। 


श्री कुमार राजेश चन्द्र ने सभी 37 प्रशिक्षु अधिकारियों को हार्दिक बधाई दी, जो 52 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण के बाद खुद को राष्ट्र की सेवा में समर्पित करने जा रहे हैं। उन्होंने नेपाल और भूटान के मित्र राष्ट्रों के साथ खुली सीमाओं के प्रबंधन की चुनौतियों पर प्रकाश डाला, जिसमें केवल बल की तुलना में आसूचना और धारणा प्रबंधन जैसे विभिन्न कौशल की आवश्यकता होती है। मुख्य अतिथि ने विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अधिकारी प्रशिक्षुओं को भी सम्मानित किया जिसमें संदीप आर्य, सहायक कमांडेंट (प्रशिक्षु)को सर्वोत्कृष्ट प्रशिक्षु होने के लिए स्वॉर्ड ऑफ़ ऑनर से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अकादमी समाचार पत्रिका भोजपत्र के 5 वें संस्करण और अकादमी के अंदर पाए जाने वाले पक्षियों के बारे में एक कॉफी टेबल बुक विंग्स ऑफ एकेडमी का विमोचन किया गया। इस समारोह के अवसर पर अकादमी के बैंड दस्ता के उत्कृष्ट प्रदर्शन के उपरांत सेन्ट्रल बॉडी बिलडिंग टीम एवं अश्वरोही दस्ता द्वारा मंत्र मुग्ध कर देने वाला अविस्मरणीय एवं अतुलनीय प्रदर्शन किया गया।

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