स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित / Shivpuri News

शिवपुरी। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज 2 के तहत ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य योजना तैयार कर काम शुरू किया जाना है। किस प्रकार ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का निपटान किया जाए और संसाधनों का उपयोग कर ग्राम को स्वच्छ और सुंदर बनाया जाए। इस विषय को लेकर शनिवार को पोहरी रोड स्थित जिला पंचायत सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई। 


कार्यशाला में संभागीय समन्वयक अतुल त्रिवेदी ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर जानकारी दी। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एच.पी.वर्मा, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।


संभागीय समन्वयक ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाने को लेकर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि अभी जिले में लगभग 200 सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाकर तैयार किए गए हैं। उन्हें चालू किया जाए ताकि आमजन इन्हें उपयोग में ला सकें। उन्होंने बताया कि स्वच्छता के क्षेत्र में गांव को इस प्रकार कार्य करना है कि शिवपुरी जिले को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण को सफल बनाने के लिए सभी जनपद सीईओ कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने बताया कि इसमें केवल शासन-प्रशासन के स्तर से नहीं बल्कि ग्रामीणों की भूमिका भी जरूरी है इसलिए जागरूकता अभियान चलाकर व्यवहार परिवर्तन पर भी जोर दिया जाये।


उन्होंने बताया कि अभी तक शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन पर काम किया जा रहा था लेकिन अब स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन पर काम किया जाएगा। जैविक कचरे का पुनः उपयोग किया जा सकता है। यह एक अच्छा खाद भी है। हमें अजैविक कचरे के निस्तारण पर विशेष ध्यान देना होगा क्योंकि यह हानिकारक होता है। अजैविक कचरा सामान्य तौर पर जल्दी अपघटित नहीं होता।
  उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को चिन्हित कर सामुदायिक कचरा पेटी लगाएं। इसमें स्वच्छ भारत मिशन और नरेगा से फंडिंग की जा सकती है। मिशन के तहत हर स्कूल ओर आंगनवाड़ी में पानी उपलब्ध कराने पर भी काम किया जाएगा। अजैविक कचरे के निस्तारण की विधियों और तकनीकी प्रक्रिया पर भी जानकारी दी गई।

 

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