विभाग प्रमुख अपने कामों की गुणवत्ता से समझौता न करें: पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री / Shivpuri News

 

शिवपुरी। लोक निर्माण विभाग राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा ने जनपद पंचायत पोहरी के सभाकक्ष में सभी विभागों के विभाग प्रमुखों की समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा क्षेत्र के विकास कार्य और आमजन की समस्याओं को लेकर अधिकारी गंभीर रहें, समय सीमा में कार्य करें।

रविवार को आयोजित बैठक में एसडीएम पोहरी जेपी गुप्ता, तहसीलदार बैराड़ विजय शर्मा, आरईएस ईई राजीव पांडे, राजस्व पंचायत व ग्रामीण विकास, पीएचई, कृषि, उद्यानिकी विभाग, शिक्षा, सिंचाई, महिला व बाल विकास विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, पीडब्ल्यूडी, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग प्रमुख सहित मण्डल अध्यक्ष पोहरी आशुतोष जैमिनी, बैराड़ विक्की मंगल व रामपाल रावत और विजय यादव सहित विभिन्ना विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

लोक निर्माण विभाग राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा ने कहा कि सभी विभाग प्रमुख पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ पोहरी विधानसभा क्षेत्र के निर्माण कार्यों को पूर्ण कराएं। हम पूरी तरह से सहयोग के लिए तैयार हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग प्रमुख कार्य की गुणवत्ता से समझौता ना करें।

गुणवत्ताहीन कार्य पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिच्छा ग्राम में एक करोड़ 49 लाख की लागत की 1 हजार गायों की क्षमता वाली गोशाला को स्वीकृत कराया गया है। उन्होंने समीक्षा बैठक में पशुपालन, मध्यप्रदेश विद्युत मंडल, आदिम जाति कल्याण विभाग आदि विभाग के अधिकारी अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।

 

पानी की समस्या आए तो प्राइवेट ट्यूबवेल का करें अधिग्रहण

पीएचई विभाग की समीक्षा को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पोहरी विधानसभा क्षेत्र के किसी भी गांव में पानी की किल्लत नहीं आए, जितनी भी नलजल योजना स्वीकृत हुई हैं, उनके स्वीकृत कार्य तुरंत कराए जाएं। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी को निर्देश दिए कि पानी की समस्याएं आने पर प्राइवेट ट्यूबवेल अधिग्रहण कराया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या न आने पाये। साथ ही हेडपंप व बोरवेल को सफाई कराने के भी निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के एसडीओ को निर्देश दिए कि सड़क किनारे बने गड्ढे ठेकेदार से बंद कराएं। जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में घूमकर बुनियादी समस्याओं का निपटारा करें। सरपंच व सचिवों की बैठक लेकर ग्रामों की समस्याओं का निराकरण कराएं।

 

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