कैदी की मौत: परिजन बोले- स्वास्थ खराब था तो हमें सूचना क्यों नहीं दी / Shivpuri News

 मगरौनी चौकी पुलिस द्वारा स्मैक तस्करी में पकड़े चार में से एक कैदी की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत के बाद परिजन सवाल उठा रहे हैं। लोकेंद्र की मौत के लिए सीधे तौर पर जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। दरअसल सर्किल जेल में बंद लोकेंद्र के शरीर पर घाव देखने के बाद परिजन आशंका जता रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

अशोकनगर जिले के शाडोरा से मृतक लोकेंद्र के पिता गोपालगिरी गोस्वामी, चचेरे भाई संजय गिरी और बहनोई पियूष गोस्वामी शनिवार को बयान दर्ज कराने शिवपुरी कोर्ट पहुंचे। कोर्ट पक्रिया के बाद मीडिया को लोकेंद्र के शिवपुरी आने की वजह, कार्रवाई, जेल जाने से लेकर मौत के बाद तक की सारे घटनाक्रम के बारे में बताया। लोकेंद्र की मौत के लिए सीधे तौर पर जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।

परिजन त्रयोदशी के बाद मामले को मानव अधिकार आयोग में ले जाने की बात कह रहे हैं। शिक्षक पिता गोपाल गिरी का लोकेंद्र गोस्वामी इकलौता बेटा था। चचेरे भाई संजय गिरी गोस्वामी का कहना है कि उसका स्वास्थ्य खराब होने के बारे में जेल प्रबंधन ने हमें सूचना तक नहीं दी। 3 फरवरी की रात 10.30 बजे सोशल साइट पर खबर से लोकेंद्र की मौत का पता चला।

रात 2.15 बजे कार से शिवपुरी पहुंचे। पिता की हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल में इलाज कराया। डॉक्टर ने रैफर कर दिया, फिर भी लोकेंद्र को ग्वालियर लेकर नहीं गए। सीधे तौर पर जेल प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार है। इस मामले में सर्किल जेल के जेलर अतुल सिन्हा का कहना है कि चोट के निशान मरच्युरी में रखते वक्त आए हैं।


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