मुनि श्री सुब्रत सागर के सानिध्य में विधान कर भक्तों ने की कर्मों की निर्जरा / Shivpuri News

शिवपुरी-शहर के निचला बाजार स्थित श्रीचन्द्रप्रभु जिनायल पर विराजमान मुनि श्री सुब्रत सागर जी महाराज के मुखारविंद से जिनेंद्र भगवान के अभिषेक एवं शांति धारा के साथ 64 रिद्धि विधान का प्रारंभ हआ। इस दौरान विधान की प्रारंभिक क्रियाएं विधानाचार्य श्री विजय प्रधान अजीत जैन फर्नीचर एवं मनोज प्रधान के द्वारा संपन्न कराई गई। शिवपुरी में प्रथम बार मुनि श्री सुव्रत सागर जी के द्वारा अपने मुखारविंद से संपूर्ण 64 रिद्धि विधान कराकर श्री 1008 चंद्र प्रभु जिनालय शिवपुरी पर भक्ति की गंगा बहाई मुनि श्री के द्वारा गाए गए भजनों पर भक्तों ने झूम झूम कर भक्ति कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। श्रीचन्द्रप्रभु जिनालय मंदिर में मुनिश्री सुब्रत सागर जी महाराज द्वारा 64 रिद्धि विधान में शामिल होकर लाभार्थी कन्हैया लाल, ऋषभ चोधरी, विजय जैन वोटा वाले, संजय जड़ी बूटी, राजेश जैन वोटा, पारस जैन, ऋषभ जैन, चितरंजन जैन, पंकज जैन, अतुल जैन, अनिल जैन, पवन जैन, विनोद जैन, देवेंद्र जैन किलावनी वाले, अजीत तंबाकू, सुमत, नरेंद्र, शीतल चौधरी, सोरव, पुनीत, अशोक, सुयश ने अपने कर्मों की निर्जरा की।

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