मूर्ति चोर बाजार में पीतल का दीपक बेचने पहुंचा तो पकड़ा / Shivpuri News

 शिवपुरी। शहर के बड़ा बाजार पुरानी शिवपुरी में स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर से गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात भगवान विष्णुजी सहित भगवान गरुड और गणेशजी की मूर्तियां सहित पीतल का दीपक व घंटी चोरी चली गई। पुलिस ने सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर ही चोर को धर दबोचा और मूर्तियां बरामद कर लीं हैं। शराबी युवक दीपक को तोड़कर बेचने के फिराक में घूम रहा था।

पुजारी मनोज बैरागी शुक्रवार की सुबह 5.30 बजे लक्ष्मीनारायण मंदिर में पूजा करने पहुंचे। देखा तो भगवान विष्णु व गणेशजी की पीतल और गरुड़जी की अष्टधातु की मूर्तियां सहित पीतल का दीपक व घंटी गायब थी। आसपास रहने वाले लोगों को चोरी के बारे में बताया। पूजा करने के बाद पुलिस को सूचना देने की बात हुई। पुजारी ने सुबह 8 बजे देहात थाना टीआई सुनील खेमरिया को सूचना दी।

नशे के लिए मंदिरों से करता था चोरियां
पुलिस पेछोटे कबाड़ियों से लेकर बर्तन वालों को सूचना भिजवा दी यदि कोई संदिग्ध पीतल की मूर्ति या अन्य कोई सामान बेचने आता है तो तुरंत पुलिस को सूचना दे। तभी 8.45 बजे सूचना मिली कि हवाई पट्टी की तरफ एक युवक टूटा दीपक लेकर घूम रहा है। पुलिस ने टूटे दीपक के साथ गोलू उर्फ रतनलाल धाकड़ (19) निवासी गोपाल चक्की हवाई पट्‌टी शिवपुरी को पकड़ लिया। पूछताछ करने पर उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके घर से तीनों मूर्तियां व घंटी भी बरामद कर ली। आरोपी ने बताया कि नशे के लिए वह मंदिर से मूर्तियां चोरी कर बाजार में बेचता था।

मंदिर का जीर्णोद्धार चल रहा है, खुला होने चोरी हुई
लक्ष्मीनारायण मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। मंदिर में गेट तक नहीं है। जिससे युवक आसानी से मूर्तियां चुरा ले गया। टीआई खेमरिया ने ठेकेदार से बात की तो उसने बताया कि शासन से फंड नहीं मिल रहा। लेकिन टीआई ने स्पष्ट कहा कि चोरी ना हो इसके लिए कुछ भी करो, पहले गेट लगवाओ। क्योंकि काम तो आपको ही करना है।
लोगों ने टीआई व पुलिसकर्मियों का स्वागत किया
सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर मूर्तियां बरामद होने पर स्थानीय लोग थाने पहुंच गए और यहां टीआई खेमरिया सहित स्टाफ का फूल मालाओं से स्वागत किया। हालांकि पुलिस ने कहा कि मामला चोरी का है, इसलिए मूर्तियां कोर्ट के माध्यम से मिलेंगी। पुजारी का कहना है कि 40 साल से मैं देखता आ रहा हूं और पिता भी मूर्तियां काफी प्राचीन होने की बात कहते थे।

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