राज्यमंत्री पुत्र जीतू राठखेड़ा ने पहनाई साहब सिंह को चरण पादुकाएं / Pohari News

उपचुनाव में राज्यमंत्री की जीत के लिए त्यागी थी चरण पादुकाएं, नंगे पैर रहकर किया था प्रचार


पोहरी। मन में विश्वास और संकल्प पूर्ति के लिए जुनून और ईश्वर पर आस्था हो तो मनुष्य विषम परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य तक पहुंच ही जाता है फिर चाहे कितनी भी परेशानियों का सामना क्यों न करना पड़े। यह बात सिद्ध करके दिखाया है साहब सिंह आदिवासी जी ने। उन्हें अटल विश्वास था कि उपचुनाव में मेरे पिताजी राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा जी को जीत अवश्य मिलेगी तभी तो उन्होंने जीतने तक अपनी चरण पादुकाओं का त्याग किया और अंत में उन्होंने अपने संकल्प को पूरा भी किया। मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि मुझे आज ऐसे महान पुरुष को चरण पादुकाएं पहनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उक्त बात कही राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा के पुत्र युवा नेता जीतू राठखेड़ा ने। जीतू ने साहब सिंह को अपने हाथों से चरण पादुकाएं पहनाते हुए शॉल एवं श्रीफल से उनका अभिनंदन करते हुए राठखेड़ा परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया और धन्यवाद देते हुए कहा कि राठखेड़ा परिवार आपकी उदारता के लिए हमेशा ऋणी रहेगा। जीतू राठखेड़ा ने जिला पंचायत सदस्य श्योपुर परीक्षित धाकड़ का भी आभार जताया।


यहां बता दें कि अलोनिया विजयपुर निवासी साहब सिंह आदिवासी ने उपचुनाव में राज्यमंत्री श्री राठखेड़ा की जीत के लिए अपनी चरण पादुकाओं का त्याग कर दिया था। यहां तक कि उन्होंने इस दौरान नंगे पैर रहकर ही उनकी जीत के लिए प्रचार-प्रसार भी किया। नतीजतन साहब सिंह की मेहनत एवं दुआ रंग लाई और राज्यमंत्री श्री राठखेड़ा को उपचुनाव में भारी मतों से विजयश्री हासिल हुई। खासबात यह है कि जब साहब सिंह आदिवासी ने चरण पादुकाएं त्यागने जैसा कठोर संकल्प लिया तो जिला पंचायत सदस्य श्योपुर परीक्षित धाकड़ ने उनका हौसला अफजाई किया था। इसके अलावा जीतू राठखेड़ा ने कई गांवों में पहुंचकर भी राज्यमंत्री की जीत के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए आशीर्वाद लिया। साथ ही उनकी जनसमस्याओं को भी प्रमुखता से सुना।



दीनबंधु आश्रम के महाराज से लिया आशीर्वाद
युवा नेता जीतू राठखेड़ा अपनी टीम के साथ दीनबंधु आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने आश्रम के महाराज के चरण छूकर आशीर्वाद लिया और कहा कि महाराज आपके आशीर्वाद से मेरे पिता जी को विजय प्राप्त हुई है। आपका आशीर्वाद इसी तरह हमारे परिवार पर बना रहे और हम जनहित के कार्यों को करते रहें। महाराज ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

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