कड़कड़ाती सर्दी में जमीन पर लिटाया जा रहा प्रसूताओं और नवजातों को / Lukwasa News

लुकवासा। कोलारस अनुविभाग के लुकवासा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कड़कड़ाती सर्दी में प्रसूताओं व नवजातों को पलंग नहीं होने पर जमीन पर लिटाया जा रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल में नीचे बिछाने के लिए गद्दे व ओढऩे के लिए रजाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते प्रसूताओं व उनके परिजनों को बाजार से किराए पर रजाई व गद्दे लाना पड़ रहे हैं। पीने के पानी की व्यवस्था भी अस्पताल में नहीं है। ऐसे में लोग परेशान हैं और सबकुछ जानने के बाद भी स्वास्थ्य महकमा इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।



जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूताओं के लिए महज 6 पलंग उपलब्ध हैं। ऐसे में 6 से अधिक प्रसूताएं जब एक ही दिन में केन्द्र पर आती हैं तो उनको व नवजात बच्चे तक को ऐसी सर्दी में नीचे ठंडे फर्श पर सोना पड़ रहा है। साथ आने वाले परिवार के अन्य सदस्य तो जैसे-तैसे इस परेशानी का उठा लेते हैं, लेकिन प्रसूताओं को ऐसी सर्दी में नीचे लिटाने से उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसके साथ ही अस्पताल में गद्दे व रजाई की कोई व्यवस्था नहीं है। पलंग वालों को तो एक मामूली सा कम्बल मिल जाता है, लेकिन बिना पलंग वाली प्रसूताओं को तो वह कम्बल भी नसीब नहीं होता। ऐसे में परिजनों को पैसा खर्च करके बाजार से रजाई-गद्दे लाना पड़ते हैं। केन्द्र के ही आंकड़ों की मानें तो एक माह में करीब 90 से एक सैकड़ा प्रसूताएं आती हैं। ऐसे में कभी-कभी एक ही दिन में 10 से 15 प्रसूताएं आ जाती हैं तो स्थिति बिगड़ जाती है।



पीने के पानी के लिए भी परेशान मरीज व अंटेडर


अस्पताल में इलाज कराने जो मरीज व अंटेडर आते हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पीने के पानी की भी व्यवस्था सही नहीं है। अस्पताल में एक बोर है जो कभी भी पानी देना बंद कर देता है। ऐसे में यहां भर्ती प्रसूताओं व उनके परिजनों को पीने के साथ अन्य काम के लिए बाजार से पानी खरीदकर लाना पड़ता है। जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस तरफ भी ध्यान देने को तैयार नहीं है।

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