नगरपालिका ने 86 लाख में बस स्टैंड का ठेका तो दिया पर वसूली करना भूले / Shivpuri News

 

ठेकेदार और अधिकारी मिलकर डकार रहे हैं टैक्स की राशि


10 महीने से पैसा जमा नही किया फिर भी बदस्तूर जारी है वाहनों से वसूली


शिवपुरी--नगरपालिका शिवपुरी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां प्राइवेट बस स्टैंड का अस्थाई दखल का ठेका 86 लाख रुपये में देकर नगर पालिका शिवपुरी के जिम्मेदार वसूली करना ही भूल गए हैं ,पिछले दस महीने से नगरपालिका को अस्थाई दखल से ठेके से बिल्कुल भी राजस्व प्राप्त न होने पर भी उक्त ठेका बदस्तूर जारी कैसे हा ये बड़ा प्रश्न सबके सामने है।

नियमानुसार ठेकेदार को 25% राशि एडवांस जमा करनी थी और शेष राशि हर महीने ठेकेदार द्वारा नगरपालिका के खाते में जमा कराने का प्रावधान है ।लॉकडाउन लगने के बाद ठेकेदार द्वारा कोई भी पैसा जमा नहीं दिया गया है। परंतु लॉक डाऊन समाप्त होने के बाद से ही वाहनों से वसूली का क्रम बदस्तूर जारी है ।लेकिन नगरपालिका के राजस्व के रूप में पैसा जमा नहीं कराया जा रहा है। पिछले 10 माह से यह सिस्टम लगातार जारी है परंतु जिम्मेदार अधिकारी ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। आलम यह है कि ठेके दार से संबंधित फाइल भी नगरपालिका कार्यालय में ना होने की जानकारी मिल रही है ।पिछले 10 माह से राजस्व प्राप्त ना होने के बाद भी आखिर क्यों नगरपालिका ठेकेदार को खुला संरक्षण दे रही है यह रहस्य नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारी ही बता पाएंगे। बिना राजस्व प्राप्ति के चलते अभी तक कोई ठोस कार्रवाई ना किया जाना नगर पालिका संदेह के दायरे में लाती है।



वसूली के बाबजूद भी नहीं मिल रहा नपा को राजस्व


22 मार्च को लॉकडाउन लगने के बाद बस स्टैंड पर वाहनों का आना जाना बंद हो गया था जिसके चलते नगरपालिका को स्थाई दखल से राजा से मिलना भी बंद हो गया था परंतु बस ऑपरेटरों और बस यूनियन से मिली जानकारी के अनुसार लॉकडाउन खत्म होने के बाद से ही वाहनों से अस्थाई सर्कल के नाम पर वसूली की जा रही है अब ठेकेदार नगरपालिका में राजस्व जमा क्यों नहीं कर रहा है यह तो नगरपालिका वाले और ठेकेदार ही बता पाएंगे हम से तो नियमानुसार पैसा लिया जा रहा है।



आखिर वसूली क्यों नहीं कर रही नपा


86 लाख रुपए का टेंडर स्थाई दखल के नाम से पिछले साल नगर पालिका द्वारा करने के बाद 25 लाख रुपए एडवांस जमा कराएं एवं दस लाख फ़रवरी माह में राजस्व के रूप में नगर पंचायत का को प्राप्त हुए इसके बाद लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी वाहनों से वसूली होने पर भी नगर पालिका में राशि जमा नहीं हो रही है लेकिन नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा राजस्व प्राप्ति के लिए कोई जवाब ठेकेदार पर नहीं डाला गया इसके चलते विभाग को लाखों रुपए के राजस्व का घाटा उठाना पड़ रहा है


बस स्टैंड पर लगा है गंदगी का अंबार


अस्थाई झगड़े के साथ बस स्टैंड की साफ-सफाई की व्यवस्था भी नगर पंचायत द्वारा करवाया जाना सुनिश्चित नहीं कराया गया है आलम यह है बस स्टैंड प्रांगण में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं जिसमें मच्छर और तमाम तरह के कि पल रहे हैं इतना राजस्व प्राप्त होने के बाद भी नगर पालिका द्वारा बस स्टैंड की सफाई की तरफ भी नहीं देखा गया है ना ही जिम्मेदार ठेकेदार को इस बाबत नगर पंचायत द्वारा कभी दबाव डाला



ठेके की फाइल आरआई के घर पर


अस्थाई दखल के ठेके की पिछले 10 माह से राजस्व वसूली ना होने के बाद भी जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जबकि दूसरी तरफ जानकारी मिली है कि इस ठेके से संबंधित फाइल नगरपालिका कार्यालय में ना होकर तत्कालीन आर आई के घर पर रखी है जब आर आई महोदय से बात की कि फाइल उनके घर पर क्यों हैं तो उन्होंने बताया कि नगरपालिका के ऑडिटर और मैं साथ रहते हैं इसलिए ऑडिटर उस फाइल को ले आए हैं ।जबकि नियम अनुसार नगर पालिका के ऑडिटर को भी किसी भी प्रकार की फाइल अपने साथ कार्यालय से बाहर ले जाना नियम विरुद्ध है।



क्या कहते हैं बस ऑपरेटर

22 मार्च से जुलाई तक बसों का संचालन बन्द था, तब पैसा नहीं दिया। उसके बाद रसीद कटने लगी थीं।

जय सिंह रावत

प्रबंधक,सपना ट्रेवल्स


लॉक डाउन खत्म होते ही बसों की रसीद कटने लगी थी बाकी ऑटो और स्टैंड के अंदर लगी दुकानों की रसीद तो कटती ही रही है।

मुकेश चौहान

प्रबंधक, सिंह ब्रदर्स

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