लगातार 15 वर्ष नगर पंचायत अध्यक्ष रहने के बाद भी 2 बीघा जमीन और एक आधे अधूरे घर के मालिक हैं परिहार दंपति / Shivpuri News



15 साल नगर पंचायत अध्यक्ष का एक बेटा पेट्रोल पंप पर तो दूसरा पंचर जोड़कर चला रहा है अजीब का


शिवपुरी। आज के आर्थिक युग में भ्रष्टाचार और लूट खसोट किसी पद पर आते ही अधिकांश नेताओं का एकमात्र उद्देश्य बन जाता है। आमतौर पर देखा जाता है कि किसी शासकीय संस्था में निर्वाचित अध्यक्ष एक ही कार्यकाल में अर्श से फर्श तक का सफर तय कर लेता है । मगर बदरवास नगर पंचायत में पिछले 15 सालों से अध्यक्ष पद पर आसीन परिहार दंपति के पास घर के नाम पर एक आधी अधूरी इमारत और जीवन यापन करने के लिए 2 बीघा जमीन के अलावा कोई संपत्ति नहीं है। हैरान करने वाली बात यह है कि परिहार दंपति के दो पुत्र हैं जिनमें से एक पेट्रोल पंप पर काम करता है और दूसरा साइकिल की दुकान पर पंचर जोड़ने का काम कर अपनी आजीविका चला रहा है परिहार दंपति के जुड़ी इन बातों के चलते इनको देश में सबसे ईमानदार जनप्रतिनिधि कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। मगर क्या यह 15 वर्षों से नगर पंचायत बदरवास के अध्यक्ष पद पर आसीन दंपति के ईमानदार होने की दास्तां है या जानकारी का अभाव और शोषण की कहानी है। यह तो वही बता सकते हैं लेकिन आज के जमाने में करोड़ों रुपए साल के खर्च करने वाली संस्था में रहते हुए कोई व्यक्ति इतना गरीब भी रह सकता है यह बात अचरज भरी है।


2005 से अध्यक्ष पद पर आसीन है दंपति

बदरवास नगर पंचायत का इतिहास देखा जाए तो सन
2005 में हुए नगर परिषद के चुनावों में श्रीमती प्रयाग बाई परिहार अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुई थी इसके बाद 2010 से 2015 तक प्रयाग बाई के पति बद्री प्रसाद परिहार नगर परिषद के अध्यक्ष के रूप में चुने गए और 2015 से 2020 तक एक बार पुनः महिला अनुसूचित जाति की सीट पर श्रीमती प्रयाग बाई परिहार चुनाव जीतकर नगर परिषद की अध्यक्ष बनी बावजूद इसके यह परिवार आज भी सादा जीवन जी रहा है। एक छोटे से घर में जिसका पूरी तरह निर्माण भी नहीं किया गया है में निवास करते हैं ।और जीवन यापन करने के लिए इनके दो पुत्र मजदूरी करते हैं।

दो बीघा जमीन के मालिक हैं परिहार दंपति

लगातार 15 वर्षों तक नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर आसीन रहने वाले बदरवास के परिहार दंपति आज भी बिल्कुल सादा जीवन जीते हैं और एक आधे अधूरे निर्माण किए हुए घर में निवास करते हैं 15 सालों में संपत्ति के नाम पर इनके पास कुछ भी नहीं है मात्र 2 बीघा जमीन है जिससे अपना जीवन यापन करते हैं जानकारी के अनुसार इन्हें नगर परिषद से मिलने वाला मानदेय ही इनकी आजीविका चलाने का मुख्य साधन है।


बेटे मजदूरी कर चला रहे हैं आजीविका

किसी के माता-पिता नगर परिषद जैसी करोड़ों रुपए साल में खर्च करने वाली संस्था पर 15 वर्षों से आसीन हो और उनके बेटे मजदूरी कर जीवन यापन करें यह बात सब को अचंभे में डाल देती है ।प्रयाग भाई और बद्री परिहार का बड़ा बेटा मनोज परिहार बदरवास के ही पेट्रोल पंप पर काम करता है और सचिन परिहार जो उनका दूसरा बेटा जो मनोज से छोटा है बदरवास में ही एक साइकिल की दुकान पर मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा है।


मनोज हमारे यहां काम करता है

मनोज परिहार नाम का लड़का हमारे पेट्रोल पंप मेसर्स रोहित पेट्रोल पंप पर पिछले कई दिनों से काम करता है ।पहले यह इंदौर काम करता था लेकिन लॉकडाउन में वापस बदरवास आ गया था। काम ना होने के कारण इनके पिताजी ने हमसे कहा था कि हमारे लड़के को काम पर रख लो तब से हमारे पेट्रोल पंप पर काम देख रहा है ।

बल्ली ठेकेदार
पेट्रोल पंप संचालक बदरवास
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