घर से पेपर देने का मौका मिला तो ज्यादा नंबरों के लालच में अथवा वाले सवाल भी हल कर दिए / Shivpuri News

 

शिवपुरी / कक्षा 9 से 12 वीं के छात्र-छात्राओं काे छमाही परीक्षा घर से देने का अवसर मिला ताे परीक्षार्थियों ने अतिउत्साह में उन सवालों के जवाब भी हल कर दिए, जिन्हें प्रश्नपत्र में अथवा करके पूछा गया था। चूंकि छात्रों को कॉपी में लिखने के लिए घर पर तीन घंटे के बजाए पूरे 24 घंटे मिले थे। इसलिए उन्होंने ज्यादा नंबर पाने के लालच में अतिरिक्त सवालों को भी हल कर दिया।

जिन छात्र-छात्राओं ने स्कूल आकर परीक्षा दी, उन्हें भी किताब देखकर उत्तर लिखने की सुविधा थी लेकिन छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे की कॉपियों से देखकर सवाल हल किए। नकल करने वाले छात्र-छात्राओं से जब इस संबंध में पूछा गया ताे उनहाेंने कहा कि चाहे किताब से लिखो या एक-दूसरे की कॉपियाें से क्या फर्क पड़ता है। 20 नवंबर से शुरू हुई कक्षा 9-12 वीं के छात्र-छात्राओं की यह छमाही परीक्षा औपचारिकता बनकर रह गई। मालूम हो कि कोरोना काल में छमाही परीक्षा का उद्देश्य ऑनलाइन माध्यम से कराई गई पढ़ाई का मूल्यांकन करना था। इसका रिजल्ट 30 नवंबर तक देना है और इसी दिन छात्र छात्राओं को दिखाना है।

उत्कृष्ट विद्यालय के परीक्षा प्रभारी मुकेश मिश्रा ने बताया कि बोर्ड से निर्देश मिलने के बाद छात्र-छात्राओं को प्रश्नपत्र हल करने घर के लिए दिए थे। 24 घंटे बाद उनसे कॉपियां जमा कराई। जो छात्र-छात्राएं कॉपियां नहीं ले गए, उन्हें स्कूल में ही निर्धारित 3 घंटे में परीक्षा देनी थी। हालांकि यहां भी उन्हें बैग लाने की छूट थी। इस वजह से नकल पर अंकुश नहीं लगाया गया। किसी ने अपने घर से तो किसी ने स्कूल आकर परीक्षा दी।

छात्राओं ने एक-दूसरे की कॉपियों से हल किए सवाल, पूछने पर बोलीं- क्या फर्क पड़ता है
कुछ छात्राएं ऐसी भी थीं, जो परीक्षा के लिए स्कूल पहुंची। यह छात्राएं अपने साथ बैग भी लाई थी। उसमें किताबें भी थी। लेकिन छात्राएं एक दूसरे की कॉपियों से परीक्षा कक्ष में नकल करती नजर आईं। जब इस संबंध में कक्षा 11 की इन छात्राओं से पूछा तो वह बोलीं कि चाहे किताब से लिखो या कॉपी से, क्या फर्क पड़ता है। कुल मिलाकर बोर्ड द्वारा आयोजित कराई गई इस छमाही परीक्षा का उद्देश्य यह था कि छात्र का मूल्यांकन करें कि पांच माह के दाैरान कितनी पढ़ाई ऑनलाइन हुई है।

शिक्षकों को 30 तक मूल्यांकन देना ही है
कक्षा 9-10 की परीक्षा 27 और कक्षा 11-12 की परीक्षा 28 को खत्म हो जाएंगी। शिक्षकों को 30 नंवबर तक इनका मूल्यांकन अनिवार्य रूप से करना है। 5 दिसंबर को इसे कंपाइल करके विमर्श पोर्टल पर अपलोड करना है। जो नियमों का पालन नहीं करेगा वह कार्रवाई के दायरे में आएगा।
मुकेश मिश्रा, परीक्षा प्रभारी, कक्षा 9-12

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