शहर में एक दर्जन स्थानों पर कट रही अवैध कॉलोनियां, कार्रवाई के नाम पर प्रशासन शून्य / Shivpuri News

शिवपुरी। नगर में आधा दर्जन से अधिक स्थान पर काॅलोनाइजर द्वारा बिना विकास कराए ही प्लाट काट कर लोगों को बेचे जा रहे हैं। इससे पहले से जो भी लोग कॉलोनइजर के झूठे वादों में फंसकर नगर में प्लाट खरीद चुके हैं, वे अब शासन द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं से अपने आप को असहाय महसूस कर रहे हैं। इसके बावजूद काॅलोनाइजर के खिलाफ प्रशासन या स्थानीय नगर परिषद द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।भू माफिया खेती की जमीन पर नियम विरुद्ध मन माफिक प्लाटिंग कर उसे मुंह मांगें दाम पर बेच रहे हैं। नगर ग्वालियर वायपास रोड पर लगभग चार स्थानों में खेत को काटकर कॉलोनी बनाई जा रही हैं। इसी तरह मेडीकल कॉलेज, कत्थामील के सामने, हवाई पट्टी खेत मे प्लाॅटिंग की जा रही है। 
यहां काटी जा रही हैं अवैध कॉलोनियां
शिवपुरी शहर में वर्तमान में करीब 10 नवीन कॉलोनियां काटी जा रही हैं। यह कॉलोनी ग्वालियर वायपास रोड, रेेलवे स्टेशन रोड, हवाई पट्टी के पास, न्यू फोरेलेन पर लगभग दो से तीन कॉलोनियां, मेडीकल कॉलेज के पास, कत्था मील के सामने, ग्वालियर रोड आदि स्थानों पर काटी जा रही हैं। खास बात यह है कि नगर में कुछ ही कॉलोेनी वैध है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन ने यहां कॉलोनियों में कॉलोनाइजरों की मनमानी को लेकर कार्रवाई कतई नहीं की है। इतना ही नहीं इन नवीन कॉलोनियों में एक ही सर्वे नंबर में दूसरे सर्वे के प्लाट को बेच दिया जाता है। नियम अनुसार जिस कॉलोनी का डायवर्सन नहीं है उसकी रजिस्ट्री नहीं होगी, पर उप पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्रार द्वारा इसकी जांच किए बिना ही प्लाटों की रजिस्ट्रियां धड़ल्ले से की जा रही हैं। 

नप के पास नहीं है कॉलोनियों का रिकॉर्ड
नगर पालिका शिवपुरी में कॉलोनियां काटने के लिए किसी भी व्यक्ति द्वारा लाइसेंस नहीं लिया गया है। कॉलोनाइजिंग एक्ट के तहत किसी भी जमीन मालिक ने नियम का पालन नहीं किया, जबकि नगर परिषद की बिना अनुमति नगरीय क्षेत्र में कॉलोनी नहीं काटी जा सकती। सबसे बड़ी बात तो यह है कि नप प्रशासन के पास कॉलोनियों का रिकार्ड तक नहीं है। प्रशासन ने अभी तक सर्वे नहीं कराया है। अवैध कॉलोनियों के कारण नगर परिषद को संपत्ति कर के रूप में हर साल लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। खास बात यह है कि अवैध कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई न होने की वजह से नगर के कई इलाकों में अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है। जिससे कृषि योग्य जमीन को भी कॉलोनी में परिवर्तित कर दिया गया है।
कॉलोनी काटने के लिए इन नियमों का पालन करना जरूरी
नगर में जहां भी नवीन कॉलोनियां काटी जा रही हैं, उनका सबसे पहले राजस्व विभाग में डायवर्सन होना चाहिए। लेकिन कॉलोनाइजर रजिस्ट्रेशन फीस से बचने के चक्कर में डायवर्सन नहीं कराते हैं। जिससे राजस्व की चोरी खुलेआम की जा रही है। कॉलोनी में नियमावली के अनुसार पक्की रोड, नाली, पानी की सुविधा, बिजली, खंबों पर स्ट्रीट लाइटें, पार्क आदि की सुविधाएं होनी चाहिए। मगर कॉलोनाइजर खेतों में कच्ची रोड डालकर प्लाट काट देते हैं। बयनामा के दौरान भी उपपंजीयक ऑफिस में यह लिखा जाता है कि जांच उपरांत जमीन बंधक नहीं पाई गई है। पर सर्विस प्रोवाइडर और रजिस्ट्रार इस पर कतई ध्यान नहीं देते हैं
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