पालक बोले ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर प्राइवेट स्कूल बना रहे फीस के लिए दबाव | Shivpuri News

पालक संघ ने कलेक्टर से की कमिश्नर के नो स्कूल नो फीस के आदेश पर अमल की मांग 

शिवपुरी। शहर में प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा पालकों पर फीस के लिए बनाए जा रहे दबाव के विरोध में पालक संघ मंगलवार को कलेक्टर अक्षय प्रताप सिंह के पास पहुंचा। पालक संघ की कलेक्टर से मांग थी कि कमिश्नर ग्वालियर द्वारा कोरोना काल में छात्र-छात्राओं की फीस को लेकर नो स्कूल नो फीस के आदेश शिवपुरी कलेक्टर को जारी किए गए हैं। इसलिए कोरोना के समय में स्कूल फीस माफ करने के कमिश्नर के आदेश पर अमल कराया जाए। हालांकि इस संबंध में प्रदेश शासन के स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा हाईकोर्ट के आदेश पर निर्देश जारी किए हैं कि प्राइवेट स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस ही वसूली जाए।
22 मार्च से बंद है स्कूल कॉलेज
पालक संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र श्रीवास्तव की अगुवाई में कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती पत्र में उल्लेख किया कि कोविड-19 कोरोना महामारी के चलते जिले के स्कूल व कॉलेज 22 मार्च से बंद है जिससे देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है वहीं पालकों को भी रोजगार और जरूरत की वस्तुओं का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में प्राइवेट स्कूल संचालक फीस के लिए पालकों पर दबाव बना कर तरह-तरह से प्रताड़ित कर रहे हैं जबकि केंद्र शासन व राज्य शासन सहित ग्वालियर कमिश्नर नोस्कूल नो फीस का समर्थन कर चुके हैं।
फीस न वसूलने का दिया जाए आदेश
पालक संघ की कलेक्टर से मांग थी कि प्राइवेट स्कूल संचालक कोई आदेश नहीं मान रहे हैं और पालकों पर ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर फीस के लिए दबाव बना रहे हैं। इसलिए प्राइवेट स्कूल संचालकों को शक्ति के साथ आदेश दिए जाएं की पालकों से कोरोना काल की कोई भी फीस नहीं वसूली जाए। इस मौके पर पालक संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र श्रीवास्तव के साथ उमेश, राकेश भार्गव व अन्य पालक संघ के पदाधिकारी मौजूद थे।
यह हैं स्कूली शिक्षा विभाग के आदेश 
इस संबंध में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की एक याचिका को लेकर हाई कोर्ट जबलपुर द्वारा जारी किए गए आदेश के तहत प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव केके द्विवेदी ने आदेश जारी किया है कि प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों और अनुदान प्राप्त संस्थाओं द्वारा कोरोनाकाल की लाॅकडाउन अवधि में बच्चों से सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली जाए और अन्य किसी भी तरह की फीस न ली जाए।
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