आदिवासी का जो हक है, वह आदिवासियों को मिलेगा : इस्पात मंत्री कुलस्ते / Pohari News


पोहरी के आदिवासी बाहुल्य गांव में एक दिन के दौरे पर पहुंचे इस्पात मंत्री बोले आदिवासियों के खेत में तालाब बनाकर किया जाएगा आर्थिक रूप से सशक्त

शिवपुरी। मैं खुद आदिवासी समुदाय से हूं और आदिवासियों की पीड़ा को भली-भांति समझता हूं। राजस्व का जो हिस्सा आता है और आदिवासी का जो हिस्सा है, दोनों का सीमांकन किया जाए। सीमांकन के बाद जिस हिस्से में आदिवासी काबिज है उसका अधिकार उसे मिलना चाहिए। आदिवासी का जो हक है वह आदिवासी को जरूर मिलेगा। सहरिया आदिवासी समुदाय के विकास के लिए सरकार ने उनके खेतों में तालाब बनाने का फैसला लिया है। इनके खेतों में जो तालाब बनाए जाएंगे उसमें मछली पालन का काम होगा जिससे आदिवासी समुदाय आर्थिक रूप से सशक्त होगा। यह बात केंद्रीय इस्पात मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते ने रविवार को जिले की पोहरी तहसील में आदिवासी बाहुल्य ग्राम नयागांव में आमसभा को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर प्रदेश के पीडब्ल्युडी राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा व भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ आदिवासी समाज मौजूद था। 
मनरेगा की राशि बढ़ाकर केंद्र सरकार ने दिया है 100 दिन का काम
पोहरी के ग्राम नयागांव में आदिवासी जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय इस्पात मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के समय में मनरेगा की राशि बढ़ाकर गरीब व मजदूरों को 100 दिन का काम देने का फैसला किया है। केंद्र सरकार के इस फैसले से गांवों में रहने वाले गरीब और मजदूरों को रोजगार मिलेगा साथ ही ग्रामीणों को अपनी पंचायत में ही काम मिलने से अन्य स्थानों के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा। 
सरकारी सेवा में बहाल किए जाएंगे आदिवासी युवा
केंद्रीय इस्पात मंत्री कुलस्ते ने कहा कि सहरिया आदिवासी समुदाय के लोगों के युवाओं के लिए इसके पहले 
सरकारी सेवा में रोजगार की व्यवस्था की थी, लेकिन आदिवासी समुदाय के कई बच्चे कुछ तकनीकी कारणों से शासकीय सेवा से बाहर हो गए। अब सरकार को एक बार कैबीनेट स्तर से यह निर्णय करना पड़ेगा कि जो भी आदिवासी समुदाय के बच्चे सरकारी सेवा से बाहर हुए हैं उनकी योग्यता के आधार पर उनको काम में बहाल किया जाए।
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