सिंधिया ने पदयात्रा को लेकर विधायक डॉ. गोबिंद सिंह पर बोला हमला @Karera News

करैरा। पोहरी के बाद करैरा पहुंचे सिंधिया ने जहां कमल नाथ को सीएम और बिना नाम लिए दिग्विजयसिंह को सुपर सीएम कहा। रेत उत्खनन पर हमला करते हुए पदयात्रा पर निकले पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक डॉ गोबिंदसिंह को भी आड़े हाथों ले डाला। कहा कि विगत 25 तारीख को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने ग्वालियर चंबल संभाग में अवैध रेत उत्खनन को रोकने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कमल नाथ की सरकार में तो मंत्री संतरी सभी लोग लगे हुए थे। इतने लगे हुए थे कि उनके कैबिनेट के मंत्री जो आजकल पदयात्रा कर रहे हैं। वह स्वयं ही कहते थे, बंद करा बंद करो। वो मंत्री जो पैदल यात्रा कर रहे हैं। आज नदी बचाओ की बात कर रहे हैं। जब वे कैबिनेट मंत्री थे तो हाथ जोड़कर माफी मांगते थे कि मेरी सरकार रेत उत्खनन बंद नहीं कर पाई। हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं। वे मंत्री आज यात्रा निकाल रहे हैं।
सिंधिया ने कहा इतिहास रचकर कांग्रेस की सरकार आपने बनाई थीए लेकिन सरकार मंत्रालय में अफसरों को इधर से उधर करने में जुटी हुई थी। इधर 114 जनसेवक जसमंत जाटव जैसे वल्लभ भवन के बाहर खड़े रहते थे। इनके मुंह पर दरवाजा बंद कर देते थे। सीएम और सुपर सीएम के भरोसे चल रही सरकार भ्रष्टाचार में जुटी थीए जिन्होंने मिलकर लकीर खींच दी। कांग्रेस सरकार के 15 महीनों में मुखौटा तो एक था और पीछे से जोड़ी कोई और खींच रहा था। प्रदेश की जनता परेशान थी। एक तरफ से सिंधिया तो दूसरी तरफ से शिवराज और मंत्री तोमर अति वृष्टि और ओलावृष्टि के दौरान जनता के बीच पहुंचे। पूरे क्षेत्र का दौरा कियाए लेकिन उस सरकार को कोई चिंता नहीं थी। हमारा पहला भगवान अन्नादाता है और दूसरा भगवान मतदाता। मतदाता ही इंसान को नेता बनाता हैए लेकिन कोई विश्वासघात करे तो ऐसे नेता को धूल चटाने का काम भी जनता करती है। आप ही बताइए जनता के हकों पर ताला लगाने वाली योजनाओं को बंद करने वाली विभिन्ना वर्गों की विरोधी सरकार अगर विश्वासघात करें तो क्या ऐसी सरकार को सिंधिया परिवार का मुखिया चलने दे। उन्होंने जनता से पूछा किसानों के खाते में पैसे डाले नहीं और प्रमाण पत्र बांट दिएए क्या ये गद्दारी नहीं। वादा खिलाफी करने वाले को गद्दार नहीं कहें तो क्या कहें।
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