कोरोना काल के नियम निर्देशों के साथ सादगी से मनी मौनी महाराज की पुण्यतिथि | Shivpuri News


शिवपुरी। जीवन में गुरू का होना नितांत आवश्यक है क्योंकि गुरू के मार्गदर्शन से ही मनुष्य अपना जीवन संवार सकता है। यदि जीवन में गुरू असमय इस दुनिया से अलविदा हो जाए तो निराश ना हो बल्कि गुरू के चरण रज को जरूर नमन करते हुए उन्में स्मरण करें, क्योंकि मनुष्य के लिए मोक्ष का मार्ग गुरू के चरण रज ही प्रशस्त करते है। यही कारण है कि मौनी महाराज की पावन पुण्यतिथि पर हम उनकी चरणपादुका पूजन व स्मरण करते है ताकि गुरू का आर्शीवाद हमेशा बना रहे। यह बात महामंडलेश्वर पुरुषोत्तमदास महाराज ने एबी रोड स्थित तुलसी आश्रम श्रीबड़े हनुमान मंदिर पर कोरोना काल के बीच शासन के नियम निर्देशों के तहत सादगी से मनाई जा रही पूज्य गुरूदेव मौनी महाराज की 10वीं पुण्यतिथि पर मौजूद श्रद्धालुओं से कही। साथ ही इस अवसर पर संक्षेप में भजन-संगीत के साथ राधाष्टमी का पर्व भी मनाया गया। इस अवसर पर मौनी महाराज की पुण्यतिथि पर उनके चित्र के सम्मुख चरण पादुका का पूजन किया। पूजन के बाद गुरू के जीवन का स्मरण वृतांत भी मौजूद श्रद्धलुओं के द्वारा सुनाया गया। इसके बाद उपस्थित संत महात्माओं में हरिदास महाराज, शत्रुघनदास महाराज अयोध्याधाम, घनश्यामदास महाराज, महावीरदास, प्रेमदास, पवन, गंगादास, विष्णु बाबा दास, कमलदास महाराज, बजरंगदास महाराज, रणजीत हनुमान, नारायणदास महाराज बाणगंगा व मंशापूर्ण हनुमान मंदिर महंत अरूण शर्मा, अजयशंकर भार्गव, रमेश कोठारी, पं. देवकीनंदन शास्त्री, पं. केदार समाधिया, पवनकृष्ण उपमन्यु, बृजेश महाराज विशेष रूप से मौजूद रहे। इन सभी संत महात्माओं का तिलक कर वस्त्रदान, हनुमान चालीसा पाठ पुस्तिका देकर सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में मंदिर से जुड़े व महामंडलेश्वर महंत पुरूषोत्तमदास महाराज के अनुयायियों में विक्रमसिंह रावत, रवि रावत, कन्हैया रावत, पदम सिंह चौहान, रामसिंह भगतजी, धनीराम पहलवान, वंशी भैया, बाबू ठेकेदार, भूपेन्द्र दीवान, अमरदीप उपाध्याय, हरिपाल, बैजनाथ यादव, कैलाश शर्मा, विनय बैरागी, शिवलोक धाम, दीपक मित्तल, लोकेश सोनी, चिमन लाल सोनी, पंचर सोनी व अशोक त्यागी आदि श्रद्धालुजन मौजूद रहे जिन्होंने ब्रह्मलोक स्वामी गुरू मौनी महाराज को स्मरण कर चरण पादुका से आर्शीवाद लिया और राधाष्टमी के अवसर पर भजन-सत्संग कर राधाष्टमी का पर्व मनाया।
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