शिवपुरी जिले में सिंध नदी उफान पर, जान जोखिम में डाल पुल पार कर रहे लोग | Kolaras News

शिवपुरी। बदरवास तहसील में लगातार हो रही तेज बारिश से सिंध सहित अन्य नदियां उफान पर हैं। पिछले 24 घंटे में हुई झमाझम बारिश से नाले और जलाशय भी पानी से लबालब हो चुके हैं। गुरुवार को पचावली पुल पर 6 फीट पानी हो गया। इस वजह से देहरदा.ईसागढ़ सहित देहरदा.रन्नौद और अशोकनगर मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। स्थिति यह रही कि दोनों तरफ से आने वाले वाहन पुल के ऊपर बह रहे 6 फीट पानी को देखकर जस की तस खड़े रहे। खास बात यह है कि पुल पर सिंध के पानी के तेज बहाव के बावजूद भी कुछ लोगों ने जान जोखिम में डालकर पुल पार करने का प्रयास कियाए लेकिन बड़े वाहन पुल के पार नहीं हो सके।

निर्माणाधीन पुल पर चढ़कर पार कर रहे सिंध

पचावली.सिंध पुल पर लगातार बढ़ रहे जल स्तर से जहां पुराने जर्जर पुल से लोगों का आवागमन बंद हो गया। वहीं पुराने पुल के नजदीक ही बन रहे निर्माणाधीन पुल से लोगों ने सिंध को पार करना जारी रखा। स्थिति यह रही कि पुराने पुल पर 6 फीट पानी हो जाने से लोगों ने निर्माणाधीन पुल के ऊपर पैदल चढ़कर सिंध नदी को पार किया और जान जोखिम में डालकर सिंध को पार करने का यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।

जर्जर है पुराना पुल, ढहने का भी खतरा

पचावली पर नदी की चौड़ाई भी करीब 130 मीटर है और पुल की ऊंचाई भी 10 मीटर से अधिक, ऐसे में यह पुराना पुल पूरी तरह जर्जर है। सिंध के तेज बहाव में पुल के ढहने का खतरा भी बना रहता है। बावजूद इसके जिस तरह आज पुल के ऊपर पानी होने के बावजूद आवागमन बिना रोक.टोक जारी रहा वह कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।


नया पुल वर्षों बाद भी नहीं हुआ शुरू

पुराने पुल के ठीक पास पचावली पर करीब 100 फीट ऊंचा नया पुल का निर्माण चल रहा है लेकिन पिछले 7 वर्षों से इस पुल का निर्माण अधूरा बना हुआ है। स्टेट हाइवे पर निर्मित किए जा रहे इस पुल के शुरू होने को लेकर अब तक जनप्रतिनिधियों ने भी कोई विशेष प्रयास नहीं किए हैं। यदि यह पुल शुरू हो जाए तो हर साल बारिश के मौसम में पुराने पुल से जान जोखिम में डालने का यह सिलसिला थम सकता है।

जान जोखिम में डालकर जर्जर पुल से ले रहे सेल्फी
ेेगुरुवार को पचावली पुल पर सिंध में बढ़े जलस्तर के बावजूद लोगों ने जहां जान जोखिम में डालकर न सिर्फ नए पुल से निकलना जारी रखा वरन् सिंध के पुराने पुल पर पहुंचकर कई लोगों ने सेल्फी निकालकर लोगों को पोस्ट किया। इस दौरान जान हथेली पर रखकर सेल्फी लेने वाले इन लोगों को रोकने वाला न तो काई प्रशासन का नुमाइंदा वहां तैनात था और न ही पुलिस का। इस वजह से खतरनाक ढंग से सेल्फी लेने का यह क्रम देर शाम तक जारी रहा।
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