रोड़ पे रोकथाम कर रिहायशी क्षेत्र में खुलेआम बिक रहा मास-मछली रोड पे उतरी दुकाने | Kolaras News

मांस मछली का अड्डा बना नगर परिषद का पिछला मार्ग नगरवासियों को करना पड़ रहा है हानिकारक बदबू का सामना

कोलारस। मामला सामने आ रहा है कोलारस के भारी आवागमन वाले क्षेत्र जगतपुर चौराहे नगर परिषद के पीछे से खटीक मोहल्ला, अहिर मोहल्ला, निचला बाजार, पठान मोहल्ला एवं चार से पांच नगर परिषद के वार्डों में जाने के लिए यह मुख्य मार्ग है नगर के लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी नगर परिषद एबं प्रशासन नहीं दे रही है इस ओर ध्यान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा रिहायशी इलाकों में मांस की बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी आदेश जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बेअसर हैं। जिला प्रशासन ने मत्स्य विभाग के माध्यम से तहसील मुख्यालयों पर मास मछली मार्केट निर्धारित करने के लिए लाखों रुपए का बजट स्वीकृत किया जाता है। लेकिन संबंधित विभाग और स्थानीय निकायों की लापरवाही के चलते कोलारस कस्बे में तमाम नियम कायदे को ताक पर रखकर रहवासी क्षेत्रों में खुले में ही मीट की दुकानें लगाई जा रही है। जिससे आमजन परेशान हैं। लेकिन नियमों के पालन करने को लेकर जिम्मेदार अधिकारी कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल व शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार मांस मछली की बिक्री खुले मेंं नहीं की जा सकती है। इन दुकानों को तंग गलियों और किसी ऐसे स्थान पर नहीं लगा सकते जहां शुद्ध हवा नहीं होती। मांस दुकानों में जालीदार दीवार और दरवाजे ही लगे होना चाहिए। अपशिष्ट पदार्थों को खुले में फेंकने की मनाही है। दुकान का फर्श पक्का होने के साथ ही दुकान की धुलाई के भी इंतजाम होने चाहिए। दुकानों के आसपास गंदगी न हो इसका विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
लेकिन स्थानीय निकायों द्वारा नियमों का पालन कराने में सख्ती नहीं बरती जा रही है। मौजूदा स्थिति यह है कि रहवासी क्षेत्र में मांस -मछली की दुकानें लगाई जा रही है। जिससे स्थानीय निवासी व आम राहगीरों को खासी परेशानी हो रही है। गली मोहल्ले में सड़क किनारे बैठ रहे दुकानदार अपशिष्ट पदार्थ नाली में बहाते हैं। ऐसे में आसपास वातावरण में दुर्गंध फैलने से कई बार लोगों को सांस लेना भी कठिन हो जाता है। खुले रखे मांस से संक्रमण का खतरा भी रहता है। लोगों का कहना है कि खुले में मांस मछली की बिक्री की समस्या काफी पुरानी है। इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अफसरों से गुहार लगाने के लेकिन स्थानीय निकायों द्वारा नियमों का पालन कराने में सख्ती नहीं बरती जा रही है। मौजूदा स्थिति यह है कि रहवासी क्षेत्र में मांस -मछली की दुकानें लगाई जा रही है। जिससे स्थानीय निवासी व आम राहगीरों को खासी परेशानी हो रही है। गली मोहल्ले में सड़क किनारे बैठ रहे दुकानदार अपशिष्ट पदार्थ नाली में बहाते हैं। ऐसे में आसपास वातावरण में दुर्गंध फैलने से कई बार लोगों को सांस लेना भी कठिन हो जाता है। खुले रखे मांस से संक्रमण का खतरा भी रहता है। 

लोगों का कहना है 
कि खुले में मांस मछली की बिक्री की समस्या काफी पुरानी है। इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अफसरों से गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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