विश्व आदिवासी दिवस के दिन 50 आदिवासियों के घर फलदार पौधे रोपित किए | Shivpuri News

 
शिवपुरी। स्वयं सेवी संस्था शक्तिशाली महिला संगठन शिवपुरी द्वारा आदिवासी बाहुल्य ग्राम चिटोरीखुर्द में विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में 50 आदिवासी समुदाय के घरों में उन्नत किस्म के फलदार पौधे रोपित कर मनाया गया। 
संस्था के संयोजक रवि गोयल ने बताया कि आदिवासियों के संघर्ष की गाथाओं को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी 1993 में महसूस किया जिसे यू एन के 11 वें अधिवेशन में आदिवासी अधिकार घोषणा पत्र के रूप में मान्यता दी गई। इसके उपरांत 1994 को यूएनओ ने जेनेवा महासभा में सर्वसम्मति से 9 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाए जाने का निर्णय लिया गया। इसी के परिपेक्ष्य में संस्था द्वारा गोद लिए आदिवासी ग्राम चिटोरीखुर्द में सुपोष़ण सख़ी के माध्यम से आज आदिवासी समुदाय में घर-घर जाकर आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों में उन्नत किस्म के अमरुद, अनार, सीताफल, बेलपत्र एवं आंवले के पांच-पांच पौधे वितरित किए। 
इस अवसर पर सुपोषण सखी भूरी आदिवासी ने कहा कि हमने सदैव जंगल, जमीन एवं जमीर और पानी को बचाने के लिए संघर्ष किया है। हमारे समाज में स्त्री, पुरुष में कोई भेदभाव नहीं करते एवं दोनों का बरावर की मान्यता दी जाती है। इसके साथ आदिवासी समुदाय अपनी परंपराओं को लेकर चलते है इसी का परिणाम है कि हमारे समाज में आज भी पुराने रीतिरिवाजों को माना जाता है। भूरी आदिवासाी ने कहा कि आदिवासी परंपरा संस्कृति को अच्छा रखने के लिए सरकार भी इस समुदाय के साथ निरंतर कंधे से कंधा मिलाकर चलने की आवश्यकता है। खासतौर से आदिवासी महिलाओं को आजीविका के नए-नए साधन उपलब्ध कराने होगें एवं कोशिश करनी होगी कि ग्राम स्तर पर ही स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को आगे किया जाए एवं उनकी आय बढ़ाई जाय। संस्था को उन्नत किस्म के फलदार पौधे वन विभाग शिवपुरी एवं मुख्य वन सरंक्षक वायपी सिंह द्वारा उपलब्ध कराए गए जिससे कि आदिवासी परिवारों की उन्नत किस्म के फलदार पौधे लगाकर अधिक से अधिक लाभ हो। विश्व आदिवासी दिवस पर फलदार पौधे रोपण कार्यक्रम में संस्था के प्रमोद गोयल के साथ कॉर्डिनेटर सोनम शर्मा तथा सुपोषण सखी भूरी आदिवासी, सपना आदिवासी, इग्लिस आदिवासी एवं शान्ती आदिवासी ने सहयोग दिया।
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