कोरोना वार्ड में भर्ती संक्रमित मरीजों की अस्पताल प्रबंधन को नहीं चिंता, अपना भजन बनाने मरीजों काे खिला रहे कच्ची रोटी व पतली दाल | Shivpuri News

शिवपुरी। एक तरफ लोग जहां कोराना मरीजों के इलाज के लिए लाखों रुपए का दान कर रहे हैं वहीं सरकार भी पूरी कोशिश कर मरीजों के इलाज के लिए हर संभव मदद कर रही है। लेकिन सरकार ने प्रशासन के जिन नुमाइंदों पर यह जिम्मेदारी सौंपी। वहीं लोग अपना भजन बनाने के लिए मरीजों की जान के साथ खिलबाड़ कर रहे है। जहां कोराेना संक्रमित मरीजों के लिए फंड में आए रुपए को फर्जी बलि, बाउचर बनाकर लाखों रुपए का गवन कर रहे हैं। इन लोगों ने मानवता को शर्मसार करने की सारी हदें पार कर दी है।

ऐसा ही कारनामा जिला अस्पताल में देखने को मिला जहां कोराना वार्ड में भर्ती मरीजों को पतली दाल व कच्ची रोटी खिलाई जा रही है। इन मरीजों के लिए जो डाइट निर्धारित की गई थी वह तो जैसे गायब होकर अस्पताल प्रबंधन के एकाउंट मेें पहुंच गई है। 

वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों ने जब खाना सही न मिलने व पेेट न भर जाने की बात परिजनों को बताई तो वह खुद ही घर से खाना ले जाकर कोरोना वार्ड में भर्ती परिजनेां को देने रोजाना पहुंच रहे हैं। े घर से भोजन ला रहे परिजन का कहना है कि जिला अस्पताल से जो खाना मिलता है, उसकी क्वालिटी बहुत ही खराब है। कच्ची अाैर माेटी राेटियां हैं। सब्जी और दाल के नाम पर भी पानी मिलता है। यह हाल तब है, जब प्रति मरीज दो साै रुपए का खर्च अस्पताल प्रबंधन को भोजन के लिए मिल रहा है।

इस मामले में सीएमएचओ डॉ. अर्जुनलाल शर्मा का कहना है कि कोरोना मरीजों को अस्पताल में पर्याप्त और अच्छी क्वालिटी का भोजन दिया जा रहा है। पहले मरीजों से हम इस बारे में बातचीत कर चुके हैं। यदि भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं है और परिजन घर से खाना ला रहे हैं तो इस बारे में पता कराएंगे। मरीजों को अच्छा खाना ही मिलेगा।

कोरोना मरीजों को यह मिलनी चाहिए डाइट
मरीजों को प्रतिदिनि दूध 500 मि.ली., तिल व मूंगफली 2-3 करोटी, फल केला 1, कंद आलू 1-2, सब्जियां 2 कटोरी, तेल 6-7 बड़े चम्मच, शक्कर 2-3 चम्मच और रोटी, पोहा, चावल, उपमा दलिया आदि 300-400 ग्राम सामग्री का प्रावधान किया है। वहीं रोटी बनाने के लिए 3 किलो गेहूं के आटे में 1 किलो बेसन मिलाकर यथासंभव दूध से आटा गूंथा जाए। रोगी को दूध या दही के स्थान पर कस्टर्ड, खीर या सेवईयां बदल-बदलकर देने के निर्देश हैं। कोविड-19 रोगियों को आहार के बीच 1 मुट्‌ठी भुना चना, भुनी मूंगफली, मूंगफली चिक्की (मधुमेह रोगियों को छोड़कर), तिलह जैसे तिल, अलसी, सूरजमुखी के बीच आदि देने के निर्देश हैं।
 
ये बोले अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन
कोरोना मरीज बालकृष्ण कौशल 12 जुलाई कोरोना वार्ड में भर्ती हैं। बुधवार को बेटा राहुल कौशल खाना लेकर पहुंचा। पूछने पर राहुल ने बताया कि गार्ड को बाहर बुला लेते हैं जो खाना लेकर अंदर चला जाता है। खाने की क्वालिटी ठीक नहीं है। इसलिए एक ही समय आकर दो समय का खाना देकर आता हूं। पढ़ने के लिए अखबार लाता हूं। पुरानी शिवपुरी निवासी रामजीलाल राठौर 17 जुलाई से कोरोना वार्ड में भर्ती हैं। बेटा राजकुमार राठौर खाना लेकर पहुंचा। पिता वार्ड के बाहर ही खाना लेने आए और खाने का पैकेट लेकर अंदर चले गए। पूछने पर राजकुमार ने कहा कि अस्पताल का खाना पिता नहीं खा पा रहे है। भूख रहते हैं, इसलिए मजबूरी में घर से खाना लाना पड़ रहा है। यदि यहां खाना ठीक होता तो घर से लाने की जरुरत नहीं पड़ती।
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