नगर पंचायत का कारनामा : करोड़ों का घोेटाला छिपाने जला दिए रिकॉर्ड, अधिकारी बोले पता नहीं कैसे लग गई आग | Karera News


करैरा। करैरा नगर परिषद कार्यालय में बीते रोज रिकॉर्ड रूम में आग लग गई। आग कैसे लगी इसका किसी के पास कोेई जबाव नहीं था। बताया जाता है कि रिकॉर्ड रुपए में नगर पंचायत के सामान खरीदी से लेकर अन्य महत्वपूर्ण फाइलें रखी थी। मामला पूरा संदिग्ध बताया जा रहा है। 
जब इस संबंध में एसडीएम केआर चौकीकर को जानकारी लगी तो मौके पर पहुंचे और तत्काल सीएमओ दिनेश श्रीवास्तव को तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। वहीं कार्यालय में पदस्थ चौकीदार का कहना हैं कि वह घर पर खाना खाने गया था, तो कहीं कहता है कि मुझे दूसरे कर्मचारी ने बताया कि नगर पंचायत में आग लग गई है। तो मैंने जाकर देखा सारे कागजात स्टोक रूम मे रखा सामान जल रहा था। फिर नगर पंचायत कर्मचारियों ने आकर आग पर हाथ से पानी डालकर आग बुझाई। लेकिन देखने वाली बात यह हैं इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था।
दरअसल नगर के नगरिकों का कहना हैं कि विगत माह पहले करोड़ों रुपए खरीद हुई उसको छिपाने के लिए आग लगाने की साजिश रची गई हैं। बताया जाता है कि कलेक्टर ने आदेश दिए थे कि कोई भी मुख्यालय  नहीं छोड़े लेकर करैरा सीएमओ करोनाकाल में तहसील में नहीं रहते। वहीं मामले में जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। करैरा नगर पंचायत में कई सालों से कई बड़े और छोटे घोटाले सामने आ रहे हैं। जिसको लगातार मीडिया प्रकाशित करती रहती है। अब आगजनी जैसी घटना हो गई है, इसके बाद सभी कागजात जलकर खाक हो गए हैं। कहीं ना कहीं एक साजिश के तहत आग लगाई गई है और अब कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर आग लगाई तो किसने लगाई यह किसकी साजिश थी। फिलहाल कोई भी जिम्मेदार अफसर बोलने को तैयार नहीं है, अब देखने वाली बात यह होती है इसमें वरिष्ठ अधिकारी जांच करते हैं उसमें निकल कर सामने आता है।
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