भाजपा ने पूर्व विधायक जसमंत को टिकिट दिया तो देखना पड़ सकता है हार का मुंह! | Karera News

शिवपुरी। इस बार के उपचुनाव में करैरा विधानसभा में भाजपा पूर्व विधायक जसमंत जाटव को टिकिट देने की तैयारी में है। अगर ऐसा हुआ तो करैरा में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ सकता है। पिछले दो बार के चुनावों में भी भाजपा करैरा में हार का मुंह देख चुकी है। इस विधानसभा में पहले कांग्रेस की शकुंतला  जीती इसके बाद कांग्रेस के जसमंत जाटव ने भी यहां जीत हासिल की, लेकिन हाल के नए राजनैतिक समीकरणों में कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए हैं और उनके कहने पर ही पूर्व विधायक जसमंत जाटव ने अपनी ओर से इस्तीफा दिया। यही कारण है कि भाजपा इस बार उपचुनाव में जसमंत जाटव को अपनी ओर से टिकिट दे सकती है और ऐसा हुआ तो निश्चित तौर पर भाजपा को यहां तीसरी बार हार का मुंह देखना पड़ सकता है। खासबात यह है कि जिस समय जसमंत जाटव ने विधायकी से इस्तीफा दिया था उस समय पत्रकारों से चर्चा में कहा था कि मुझे विधायकी नहीं करना है। इस बात से बहुत फर्क पड़ता है। अगर कहीं करैरा में जसमंत जाटव उपचुनाव में हार गए तो दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की छवि पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। 
उल्लेखनीय है पूर्व विधायक जसमंत जाटव के डेढ़ साल का कार्यकाल से क्षेत्र के मतदाता, स्थानीय भाजपा नेता और प्रशासनिक मशीनरी उनके व्यवहार,आचरण और विधायकी के रुतबे से भलीभांति परिचित हैं। उनका एकाएक कांग्रेस से भाजपा आकर भाजपा का टिकिट मिलना क्या भाजपा के निष्ठावान, समर्पित और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं होगी? 17 माह पहले कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जसमंत जाटव को मतदाताओं ने सिर आंखों पर बिठाया था तो अब पुन: अपने फायदे के लिए कांग्रेस से भाजपा प्रत्याशी के रूप में वोट मांगेंगे तो फिर जनता को जबाव देना ही होगा। क्योंकि इस्तीफा देते समय इनके बोल थे कि मुझे विधायकी ही नहीं करनी है।
नया पेज पुराने