हरियाली निकली, रक्षा बंधन करीब, 6 हजार शिक्षकों को अब तक नहीं मिला वेतन | Shivpuri News


शिवपुरी। जिले के सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले 6 हजार से अधिक शिक्षक इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। अध्यापक संवर्ग से राज्य शिक्षा सेवा में शामिल हुए इन 6 हजार शिक्षकों को उनके वेतन हेड में राशि न होने से मई और जून माह की पगार नहीं मिली है। हाल ही में हरियाली अमावस्या का त्यौहार भी बिना तनख्वा के मनाने के बाद 3 अगस्त को रक्षा बंधन जैसा महत्वपूर्ण पर्व है और वेतन भुगतान न होने से इन शिक्षकों और उनके परिवार के सामने इस महत्वपूर्ण त्यौहार को लेकर संकट खड़ा हो गया है। 
30 फीसदी को मई का भी नहीं मिला वेतन
जिले की बात करें तो प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को अप्रैल माह से ही नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर आईएफएमआईएस सॉफ्टवेयर से कोषालय के माध्यम से वेतन भुगतान का पैटर्न लागू किया गया था। कई शिक्षकों की सॉफ्टवेयर पर खाते नंबर गलत होने से अब तक भुगतान नहीं हुआ तो वहीं 30 फीसदी ऐसे शिक्षक भी हैं जिन्हें मई महीने का ही जून में मिलने वाला वेतन नहीं मिला है जबकि प्राथमिक और माध्यमिक संवर्ग के 6 हजार शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें जून महीने का वेतन जुलाई का दूसरा पखबाड़ा शुरू होने पर भी नहीं मिला है। 
वेतन हेड में नहीं है बजट, इसलिए परेशानी
शिक्षक नेता अरविंद सरैया, राजेंद्र पिपलौदा, सुनील वर्मा, स्नेह रघुवंशी आदि का कहना है कि ग्लोबल हेड होने के कारण जिस हेड से शिक्षकों का वेतन भुगतान होना है उन हेड में जून माह से ही बजट नहीं है। इस संबंध में संगठन लगातार मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके भोपाल स्तर से अब तक बजट आवंटन का निराकरण नहीं किया गया। जिन शिक्षकों को मई का वेतन भुगतान किया गया था वह भी जून माह के अंत तक उन्हें नसीब हुआ। सबसे ज्यादा परेशानी उन शिक्षकों को हो रही है जिन्होंने भवन या अन्य आवश्यकताओं के लिए बैंक से ऋण लिया था, लेकिन वेतन समय पर न आने के कारण उन्हें पैनल्टी भुगतनी पड़ रही है।
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