मामला ग्राम पंचायत काला मड की 2 हैक्टर जमीन कापूर्व में स्नातक कॉलेज हो चुका है स्वीकृत ,मंत्री बोलें बनायेंगे कॉलेज | Bairad News

भुमाफिया चरनोई की सरकारी जमीन पर काट रहे है प्लाट
बैराड़। पोहरी विधानसभा के बैराढ तहसील में स्थित कालामढ ग्राम पंचायत में भूमाफिआओं द्वारा अतिक्रमण कर बेचा जा रहा है। इस चरनोई भूमि पर पंचायत द्वारा पूर्व में सन् 2008 में तत्कालीन कलेक्टर द्वारा स्थानत विद्यालय के लिये स्वीकृत किया गया था और स्वय राज्य मंत्री सुरेश राठखेडा ने इसे जल्द ही कॉलेज बनाने की बात कही थी। परन्तु धरातल पर इस जमीन पर अतिक्रमण कारियों का कब्जा है और औने पौने दामों में बगैर किसी कागजात के नकली स्टाम्प बनवाकर भूमाफिओं द्वारा उक्त जमीन पर प्लाट काटकर बेचे जा रहे है। ऐसा नहीं है कि प्रशासन को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है पूर्व में भी इस जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को भूमाफिआओं से मुक्त कराने के लिये राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के सचिव एवं अध्यक्ष द्वारा एसडीएम एवं कलेक्टर को आवेदन दिये गये थे परन्तु इसके बाबजूद भी आज तक कोई इन भूमाफिओं से उक्त जमीन छुडाने में प्रशासन नाकाम रहा। पूर्व में इसी जमीन पर इन भूमाफिआओं द्वारा पट्टे देने के संबंध में एफ आई तक हो चुकी है परन्तु इसके बाबजूद भी उक्त जमीन पर अवैध अतिक्रमण लगातार जारी है।
जानकारी के अनुसार  जिले के बैराढ़ क्षेत्र में भू-माफिया इतने अधिक सक्रिय है वह अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए अब प्रशासनिक कार्य में भी हेर-फेर करने में पीछे नहीं है हालांकि वह दस्तावेजी रूप से भले ही अपने नाम जमीन ना कर सकें परंतु इसके बाबजूद भी वह शासकीय भूमि को हड़पकर उसको अवैध रूप से बेचने में जुटे हुये है। बैराढ़ क्षेत्र के ग्राम कालामढ़ बनने वाले उच्च शिक्षा हेतु स्नातक विद्यालय की जमीन को भी इन भूमाफिआ द्वारा खुर्द बुर्द किया जा रहा है।  जानकारी के अनुसार भुमि सर्वे क्रमांक 571/1 कालामड की 10 वीघा जमीन 2007-8 में कलेक्टर के आदेश से स्वीकृत हुई थी। इस भुमि पर उस समय कोई कब्जा नहीं ऐसे दस्तावेज भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कलेक्टर को पेश किये गये थे और साथ ही इस आदेश में कलेक्टर द्वारा जमीन पर शीघ्र ही कॉलेज निर्माण की अनुशंसा भी की गई थी। विभाग द्वारा उक्त जमीन में को 29 फरवरी 2008 को शिक्षा विभाग के सुपुर्द किया था । कालामड की इस बेसकीमती जमीन पर  भू-माफियाओं ने अपनी पैनी नजर रखी और इस शासकीय स्नातक विद्यालय की भूमि को व्यापार के रूप में लेते हुए इस पर अवैध रूप से प्लॉटिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। भू-माफियाओं द्वारा शासकीय भूमि को ही अपनी निजी बताकर उस पर क्रय-विक्रय का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। यहां आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के जिलाध्यक्ष द्वारा पूर्व में और अब पुन: अपील की गई है कि  वह ग्राम कालामढ़ में शासकीय स्नातक विद्यालय की भूमि पर काटे गए प्लॉटों को ना लें, क्योंकि यहां जब प्लॉटों का सीमांकन कराया जाएगा तो यह भूमि शासकीय सर्वे में नजर आएगी। ऐसे में बैराढ़ में जन चर्चा चल निकली है कि पोहरी क्षेत्र के राज्यमंत्री ऐसे में बच्चों के लिए कहां स्नातक कॉलेज बनाऐंगें।

सीमाकंन कराने के लिये राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के जिला अध्यक्ष ने की अपील

कालामड ग्राम पंचायत में बनने वाले स्नात्तक कॉलेज बनने वाली इस जमीन को खुर्द बुर्द करने बाले भुमाफिओं के खिलाफ एक आवेदन देकर राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के जिला अध्यक्ष माखन धाकड ने प्रशासन से अपील की है कि इस जमीन पर होने वाले अतिक्रमण को रोके और साथ ही उन्होने उस जनता से अपील भी की है कि वह भूमाफिआओं की बातों में आकर उक्त जमीन पर कब्जा न करें क्योकि भूमाफिआओं द्वारा फर्जी कागजात के सहारे उन्हे गुमराह किया जा रहा है। इसके लिये श्री धाकड ने एसडीएम कोर्ट में एक आवेदन मुख्यमंत्री राजस्व मंत्री,  कलेक्टर, सभी को भेजे है। साथ ही जमीन के सीमांकन के लिये भी समिति द्वारा अपने खर्चे पर तहसीलदार को चालान द्वारा दिया है समिति जिला अध्यक्ष का कहना है प्रशासनिक अधिकारी यदि इस सीमांकन को जल्द ही अंजाम नहीं देते तो वे इस मामले को माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में अपील करेंगे।

पहले भी हो चुकी है भुमाफिआ पर एफ आई आर
शिवपुरी। इस मामले में भुमाफिआ पर सरकारी जमीन बेचने के मामले में मामला दर्ज भी हो चुका है। इस मामले में एसडीएम,तहसीलदार एवं पटवारी बाबू सहित एक दर्जन अधिक लोगो पर मामला दर्ज हुआ था।  570/1, 572/2, 571/1, 571/2, सर्वेन 833 एवं 898 मिन सर्वे नं 570/2 इन सभी नम्बरों में भूमाफिओं द्वारा फर्जी पट्टे तैयार करने पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरों ग्वालियर में बर्ष 2012 में घारा 420, 209 120 बी, 467, 468, 471 भ द वि एवं 13 (1) डी 13 (2) नि.अ. 1988 अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।  इसके आलावा इसी जमीन को लेकर सन् 1999 में भी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ 170/99 420, 467, 468,  भ द वि तहत इन्ही नामजद मामला दर्ज हुआ था।
इसके आलावा शिवपुरी थाना कोतवाली में भी इस मामले को लेकर उपरोक्त धाराओं के तहत मामला पंजीवद्ध किया गया था।

पूर्व कलेक्टर भी पूर्व में दे चुके है एफआईआर के आदेश
प्रकरण क्रमांक 109/10,11/बी121 दिनांक 18.5.2011 में पोहरी एसडीएम को एफआई आर दर्ज करने के आदेश तत्कालीन कलेक्टर द्वारा दिये गये थे परन्तु आज 9 बर्ष बीतने के बाद भी भूमाफिओं पर कोई कार्यवाही नही हुई सबसे खास बात तो यह है कि आज भी उक्त भूमाफिओ द्वारा कॉलेज एवं अन्य शासकीय जमीन पर कब्जा किये हुये है और उसे बेच रहे है।

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