पवाबसई गांव में आज फिर रोके 2 बाल विवाह- टीम आने की खबर से दूल्हे को लेकर भागा परिवार | Shivpuri News


अधिकारी ने पूछा आदिवासी समाज में क्यों होते है बाल विवाह महिलाओं का अजीब तर्क लड़कियां भागें नहीं इसलिए 

कोलारस। आदिवासी समाज कम उम्र में लड़के लड़कियों के विवाह क्यों करता है। इसी गांव में पिछले डेढ़ महीने में आदिवासी समाज में यह बाल विवाह की आठवी घटना है,जब वहां मौजूद समाज की महिलाओं से बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने यह प्रश्न किया तो महिलाओं ने कहा कि लड़कियां सियानी हो जातीं है तो भाग जातीं है। इसलिये कम आयु में ही उनका विवाह कर देते है।
टीम ने उपस्थित लोगों को समझाया कि कम आयु में विवाह करने के बाद लड़कियां कम आयु में ही मां बन जातीं है,जिसके कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर बढ़ती है। बच्चे कुपोषित होते है। महिलाओं में खून की कमी आती है। इसीलिए विवाह से ज्यादा जरूरी है कि आप लोग लड़के- लड़कियों को पढ़ने भेजो। जब पढ़-लिख जाएंगे, तो फिर भागने-भगाने का काम नहीं करेंगे।
तेंदुआ थाना क्षेत्र के गांव पवाबसई के आदिवासी समाज में 2 बाल विवाह होने की सूचना चाइल्डलाइन 1098 प्राप्त हुई। सूचना की जांच हेतु कोलारस परियोजना अधिकारी पूजा स्वर्णकार,बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा, सेक्टर पर्यवेक्षक सुमन वर्मा एवं तेंदुआ थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
      जांच करने पहुंची टीम को परिजनों ने उम्र के प्रमाण हेतु आधारकार्ड दिखाया जिसके अनुसार लड़की की उम्र 16 वर्ष थी। वहीं जिस 17 वर्षीय लड़के के बाल विवाह की सूचना मिली थी वह टीम के आने की खबर सुनकर घर पर ताला लगाकर भाग गया। पड़ोसियों ने बताया    कि वह रिस्तेदारों के यहां शादी समारोह में गया है। जब पुलिस ने शख्ती दिखाई तो बोले कि हां विवाह होने वाला था पर उम्र कम है,इसलिए अब विवाह नहीं करेंगे। दोनों के परिवारजनों को समझाया गया कि 18 वर्ष से पहले लड़की का और 21 वर्ष से पहले लड़के का विवाह बाल विवाह माना जाता है, दंडनीय अपराध है। 
    थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान ने ग्राम कोटवार,स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को बाल विवाह की निगरानी करने के लिये कहा। परियोजना अधिकारी पूजा स्वर्णकार ने बताया कि लड़की की उम्र कम होने से परिजनों को समझाया गया तो उन्होंने बाल विवाह नहीं करने की सहमति दी है। लड़के के परिवार वाले पुलिस आने की खबर सुनकर भाग गए थे। परिवार के अन्य लोगों को समझाया तो उन्होंने भरोसा दिलाया है कि अभी लड़के का विवाह नहीं करेंगे।
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