विश्व परिवार दिवस पर डेढ़ लाख से अधिक परिवारों में सभी सदस्यों ने किया सहभोज | Shivpuri News

विद्या भारती ने मध्य भारत प्रांत में किया पारिवारिक स्नेह भोज कार्यक्रम 
शिवपुरी। विश्व परिवार दिवस पर डेढ़ लाख परिवारों के सभी सदस्यों ने अपने-अपने घर में एक साथ बैठकर भोजन किया। भारतीय संस्कृति की अनूठी परिवार व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विद्या भारती ने पूरे प्रांत में पारिवारिक सहभोज कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें सरस्वती शिशु-विद्या मंदिरों के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, आचार्य-दीदियों, स्टाफ, संचालन समिति के सदस्यों, पूर्व छात्रों सहित समाज के प्रत्येक परिवार से सहभोज का आग्रह किया गया था। इसी के अनुरूप घर-घर में पारिवारिक सहभोज किया गया।

विद्या भारती के मध्य भारत प्रांत के प्रचार प्रमुख चंद्रहंस पाठक ने बताया कि लॉकडाउन के कारण इन दिनों हर घर में परिवार के सभी सदस्य एक साथ हैं। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों से रात 8 से 9 के बीच में एक साथ भोजन करने का आह्वान किया गया था। समाज से इसका बहुत अच्छा प्रतिफल प्राप्त हुआ है। पूरे मध्य भारत प्रांत में एक लाख से अधिक परिवारों ने सहभोज किया। इसके लिए विशेष रूप से विश्व परिवार दिवस का अवसर चुना गया था। भारतीय संस्कृति में परिवार व्यवस्था बहुत आवश्यक अंग है। इसमें सभी सदस्य प्रेम से रहते हैं एवं संस्कारों का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरण सहजता से होता है।


दिन भर आयोजित की गई सामाजिक एवं पारिवारिक गतिविधियां

पाठक ने बताया कि रात्रि में सहभोज से पूर्व दिन भर परिवार के सदस्यों से सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण, पशु-पक्षी सेवा, मानव सेवा के कार्यों को करने का आग्रह किया गया था। इसके परिणाम स्वरूप परिवारों ने सामूहिक रूप से अलग-अलग गतिविधियों में सामूहिक सहयोग किया। कई परिवारों ने मछलियों को दाना खिलाया, पक्षियों को सकोरे में पानी रखा तो कई परिवारों ने गौ-सेवा की। कई परिवारों ने लॉकडाउन में फंसे लोगों को राशन एवं भोजन वितरण किया। वहीं कई परिवार के सदस्यों ने मिलकर अपने घर व आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ एवं सैनिटाइज किया। परिवार के वरिष्ठ जनों ने अन्य सदस्यों को परिवार के संस्कारों के बारे में बताया। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से भोजन का निर्माण किया। निर्धारित समय पर परिवार के सभी सदस्यों ने एक साथ बैठकर भोजन मंत्र के बाद स्नेह के साथ भोजन ग्रहण किया।
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